सीने में दर्द और दिल की बीमारी का बहाना नहीं आया काम..., लखनऊ अग्निकांड में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला हुआ गिरफ्तार

संतोष शर्मा

24 Jun 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 12:06 PM)

Lucknow Agni kand Virendra Shukla Arrest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के मालिक वीरेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया.

Lucknow Fire Tragedy Virendra Shukla Arrest

Lucknow Fire Tragedy Virendra Shukla Arrest (Photo: AI Generated)

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Lucknow Fire Tragedy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के मालिक वीरेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी. गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने सीने में दर्द और दिल की बीमारी का हवाला देकर अस्पताल भेजे जाने की कोशिश की लेकिन मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह फिट घोषित कर दिया. इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

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सीने में दर्द की शिकायत

पुलिस हिरासत में रहने के दौरान वीरेंद्र शुक्ला ने अचानक सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की. उसने खुद को दिल का मरीज बताते हुए अस्पताल भेजने की कोशिश की. पुलिस ने उसकी शिकायत के बाद उसे डॉक्टरों के पास मेडिकल जांच के लिए भेजा. जांच पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह फिट घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा अपनी हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की.

देर रात अदालत में पेशी

अस्पताल से लौटने के बाद पुलिस ने आरोपी को देर रात चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया. अदालत ने मामले की गंभीरता और अग्निकांड में 15 लोगों की मौत को ध्यान में रखते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया. पुलिस का कहना है कि मामले में जांच लगातार जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इस मामले में वीरेंद्र शुक्ला के अलावा अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है. इससे पहले पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. वहीं, अलीगंज स्थित इस बिल्डिंग पर बुलडोजर कार्रवाई की भी तैयारी शुरू कर दी गई है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भवन मालिकों को नोटिस जारी किया है. जानकारी के मुताबिक, 20 अगस्त 2014 को रिहायशी भवन का नक्शा पास कराया गया था, लेकिन भवन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. मालिकों से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है. यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इमारत के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी.

पीड़ित परिवारों को सरकार ने दी आर्थिक सहायता

अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों के परिजनों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है. विधायक नीरज बोरा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पीड़ित परिवारों को यह सहायता राशि सौंपी. प्रशासन का कहना है कि हादसे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.