अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के सड़क हादसे में निधन के बाद प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में उसके सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया पूरी कर ली गई. जनाजे में जहां पैरोल पर आए उसके दोनों बड़े भाई उमर और अली शामिल हुए. वहीं अब सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि 50 हजार की इनामी और तीन साल से फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी अपने कलेजे के टुकड़े को आखिरी बार देखने कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंची थी. हालांकि पुलिस व प्रशासन या स्वतंत्र स्रोतों द्वारा शाइस्ता के वहां मौजूद होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
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बुर्के में भीड़ के बीच पहुंचने का दावा
अतीक अहमद, देवर अशरफ और बेटे असद की मौत के वक्त भी अंतिम संस्कार से दूर रहने वाली शाइस्ता परवीन को लेकर यह चर्चा तेज है कि क्या अपने सबसे छोटे और लाडले बेटे अबान की मौत पर वह खुद को रोक नहीं पाई? मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दावा किया जा रहा है कि कसारी मसारी कब्रिस्तान में बुर्का पहने महिलाओं की भीड़ के बीच शाइस्ता पहुंची थी और उसने अपने बेटे को आखिरी बार देखा. हालांकि ये महज दावे हैं और आधिकारिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
पैरोल पर आए भाइयों का भावुक पल
अबान को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए झांसी जेल से अली अहमद और लखनऊ जेल से उमर अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया था. दोनों भाइयों ने नम आंखों से अपने छोटे भाई के जनाजे को कंधा दिया और मिट्टी दी. इस दौरान कब्रिस्तान में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी और लोगों को खदेड़ना पड़ा.
कॉन्स्टेबल की बेटी से 50 हजार की इनामी बनी शाइस्ता
शाइस्ता परवीन एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल की बेटी हैं और प्रयागराज के दमूपुर गांव की रहने वाली हैं. साल 1996 में उनकी शादी अतीक अहमद से हुई थी जिसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति और अतीक के नेटवर्क से जुड़ गईं. 24 फरवरी 2023 को हुए उमेश पाल हत्याकांड में शाइस्ता परवीन को आरोपी बनाया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, अतीक और अशरफ के जेल में रहने के दौरान शाइस्ता ही अतीक के बेनामी कारोबार और गैंग की कमान संभाल रही थी.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद शाइस्ता पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया. 13 अप्रैल 2023 को बेटे असद का एनकाउंटर हुआ और 15 अप्रैल 2023 को अतीक-अशरफ की हत्या हुई. लेकिन शाइस्ता सामने नहीं आई और पिछले 3 सालों से अधिक समय से लगातार फरार चल रही है.
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