लखनऊ के हजरतगंज में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता नानक राम भुर्जी की विधायक निवास परिसर की ऊंची इमारत से गिरकर मौत हो गई.
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68 वर्षीय भाजपा नेता नानक राम भुर्जी दारुलशफा स्थित नए एमएलए हॉस्टल के पीछे ऊपरी मंजिल से नीचे गिर गए. आनन-फानन में पुलिस उन्हें सिविल अस्पताल ले गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मानसिक तनाव और लंबी बीमारी का पहलू
पुलिस की शुरुआती जांच में जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, वे काफी विचलित करने वाली हैं. बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री नानक राम भुर्जी पिछले काफी समय से गहरे डिप्रेशन से जूझ रहे थे. दारुलशफा परिसर में मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक, वे पिछले कुछ दिनों से अक्सर विधायक निवास के आसपास अकेले टहलते हुए देखे जाते थे.
स्थानीय पुलिस चौकी को जब हॉस्टल के प्रभारी ने घटना की सूचना दी तो हड़कंप मच गया. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्हें खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंचाया, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एक वरिष्ठ नेता का इस तरह अचानक चले जाना उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए किसी सदमे से कम नहीं है. पुलिस ने घटना के तुरंत बाद उनके परिवार को सूचित कर दिया है.
फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश में जुटी है, ताकि यह साफ हो सके कि वे दुर्भाग्यूवश संतुलन बिगड़ने से नीचे गिरे या फिर डिप्रेशन के कारण उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस दुखद हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी.
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