यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी कानपुर स्टेशन पर रातभर जमीन पर सोने को मजबूर...पेपर लीक को लेकर भी कही ये बात

UP Police Recruitment Exam: कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान हजारों अभ्यर्थी रातभर प्लेटफॉर्म पर सोते और इंतजार करते नजर आए. 28 लाख से अधिक उम्मीदवारों के बीच सबसे बड़ी चिंता पेपर लीक को लेकर रही, जबकि दूर-दराज से आए छात्र कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों की परीक्षा देने पहुंचे.

यूपी तक

09 Jun 2026 (अपडेटेड: 09 Jun 2026, 11:30 AM)

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UP Police Recruitment Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के बीच कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर देर रात 11:35 बजे भी अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली. प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बाहर का पूरा इलाका परीक्षा देने आए छात्रों और उनके परिजनों से भरा हुआ था. कई अभ्यर्थी ट्रेन और बस का इंतजार करते हुए स्टेशन पर ही रात गुजारने को मजबूर दिखे.

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स्टेशन पर सोने को मजबूर हुए युवा

भीषण गर्मी और भीड़ के बीच कई अभ्यर्थी चादर बिछाकर प्लेटफॉर्म पर ही सोते नजर आए. कुछ लोग बेंच पर बैठकर रात गुजार रहे थे तो कुछ परीक्षा की तैयारी में किताबें पढ़ते दिखे. हालात ऐसे थे कि एक ही चादर पर दो से तीन अभ्यर्थी सोने को मजबूर थे. कई युवा अपने मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भी लाइन में लगे नजर आए ताकि परीक्षा सेंटर तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो.

32,679 पदों के लिए 28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी

इस भर्ती परीक्षा में 32,679 पदों के लिए पूरे प्रदेश से 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे हैं. इनमें से कई अभ्यर्थियों के पिता किसान हैं  तो कई के मजदूर. दूर-दराज के जिलों से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर युवा अपने सपनों को पूरा करने पहुंचे हैं. अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ एक ही है कि इस बार परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक न हो.

बस पेपर लीक ना हो-अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता

स्टेशन पर मौजूद कई अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने महीनों की कड़ी मेहनत की है और अब सिर्फ परीक्षा सही तरीके से होने की उम्मीद है. उनका कहना है कि पहले की घटनाओं को देखते हुए सबसे बड़ा डर पेपर लीक का रहता है. एक अभ्यर्थी ने बताया कि वह 200 से 300 किलोमीटर दूर से आया है और किसी तरह की परेशानी के बावजूद परीक्षा देने पहुंचा है.

दूर-दराज से पहुंचे छात्र, कठिन यात्रा का सामना

कई छात्र राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी के अलग-अलग जिलों से आए थे. कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि ट्रेन में भारी भीड़ के कारण उन्हें खड़े होकर या कठिन परिस्थितियों में यात्रा करनी पड़ी. कुछ जगह ट्रेनों के लेट होने और भीड़ के कारण लंबा इंतजार भी करना पड़ा.

कई अभ्यर्थियों ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वे खेती या मजदूरी पर निर्भर हैं. ऐसे में यह परीक्षा उनके लिए जीवन बदलने का मौका है. किसी के पिता किसान हैं तो किसी के मजदूर, और सभी को अपने भविष्य की एक ही उम्मीद है, सरकारी नौकरी.

सरकार से एक ही मांग 

अभ्यर्थियों ने सरकार और भर्ती बोर्ड से सिर्फ एक ही मांग की है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो और किसी भी तरह की धांधली या पेपर लीक न हो. उनका कहना है कि मेहनत की परीक्षा का सही परिणाम ही उनके भविष्य को दिशा दे सकता है.