कानपुर में बीजेपी नेता विनोद मिश्रा की मौत से हड़कंप, पत्नी और ससुराल वालों पर लगाया ये आरोप

दिल्ली के बीजेपी मंडल अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कानपुर में अपनी ससुराल के बाहर सुसाइड कर लिया. मरने से पहले उन्होंने अपनी सास पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

यूपी तक

• 05:47 PM • 02 May 2026

follow google news

कानपुर में रिश्तों के उलझाव और पारिवारिक कलह का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है. दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष और एक्सिस बैंक में फील्ड मैनेजर के पद पर तैनात विनोद मिश्रा ने अपनी ससुराल के बाहर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी. अपनी मौत से पहले उन्होंने एक मार्मिक सुसाइड नोट और वॉइस मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें उन्होंने अपनी सास पर उनकी जिंदगी बर्बाद करने और उन्हें मौत के मुंह में धकेलने की प्लानिंग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

यह भी पढ़ें...

16 साल का रिश्ता और ससुराल का दखल

मूल रूप से कन्नौज के तालग्राम निवासी 38 वर्षीय विनोद मिश्रा दिल्ली के नरेला में सपरिवार रहते थे. उनकी शादी 16 साल पहले आरती से हुई थी और उनके तीन बच्चे भी हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब 2 अप्रैल को उनकी पत्नी आरती बच्चों के साथ कानपुर के बर्रा स्थित अपने मायके एक शादी में शामिल होने आईं. लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटीं. विनोद बच्चों की पढ़ाई का हवाला देकर लगातार उन्हें वापस बुला रहे थे. लेकिन आरोप है कि उनकी सास और ससुराल वाले उन्हें भेजने के लिए तैयार नहीं थे.

अयोध्या से सीधे ससुराल पहुंचे थे विनोद

बताया जा रहा है कि विनोद अपने दोस्त के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन करने गए थे. वहां से लौटते समय गुरुवार को वह सीधे कानपुर अपनी ससुराल पहुंचे. उन्होंने और उनके चाचा ने हाथ जोड़कर अपनी पत्नी और बच्चों को भेजने की गुजारिश की ताकि बच्चों के स्कूल न छूटें. लेकिन उनकी सास ने एक नहीं सुनी. ससुराल वालों के अड़ियल रवैये और वहां मिली बेइज्जती से आहत होकर विनोद ने घर के बाहर ही घातक कदम उठा लिया.

वॉइस मैसेज में बयां किया दर्द

अस्पताल में दम तोड़ने से पहले विनोद मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वॉइस मैसेज और सुसाइड नोट साझा किया. इसमें उन्होंने कहा, "मैं अपनी जीवन लीला समाप्त नहीं करना चाहता, लेकिन मेरी सास ने ऐसी प्लानिंग रची कि मुझे यह कदम उठाना पड़ रहा है." उन्होंने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर ससुराल वालों के दखल को जिम्मेदार ठहराया. उनके दोस्त मनीष ने तुरंत उन्हें हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

पुलिस की कार्रवाई और जांच

कानपुर पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस ने विनोद द्वारा वायरल किए गए ऑडियो और वीडियो संदेशों को जांच के दायरे में लिया है. फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है. लेकिन पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलते ही नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी.