Kanpur Police Attack News: कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस पर हमले की घटना सामने आई है. यह वही इलाका है, जो साल 2020 के बिकरू कांड और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के मामले के बाद पूरे देश में चर्चा में आया था. शुक्रवार को भवानीपुर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पर पहुंची यूपी-112 पीआरबी टीम पर एक परिवार ने हमला कर दिया. आरोप है कि पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.
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विवाद की सूचना पर पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार, भवानीपुर गांव में वीरेंद्र कमल और राहुल के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. मामला बढ़ने पर राहुल की पत्नी ने यूपी-112 पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी. सूचना मिलने पर पीआरबी की टीम मौके पर पहुंची. पुलिसकर्मी दूसरे पक्ष के युवक नरेंद्र से बातचीत कर स्थिति समझने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान माहौल बिगड़ गया और पुलिस के अनुसार नरेंद्र पुलिसकर्मियों से उलझ गया. जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो उसके परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और विवाद हिंसक हो गया.
वर्दी फाड़ी और गाड़ी में की तोड़फोड़
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, आरोपी पक्ष के लोगों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. महिलाओं के भी मारपीट में शामिल होने का आरोप है. हमले में दोनों सिपाहियों की वर्दी फट गई और उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा गया. किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से निकले. इस दौरान पीआरबी की सरकारी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई. घटना की सूचना मिलते ही चौबेपुर थाना समेत आसपास के इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया गया.
दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
घटना के बाद पुलिस ने मौके से वीरेंद्र और उसके बेटे के भाई कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मुख्य आरोपी नरेंद्र, उसकी पत्नी और अन्य नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, मारपीट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है.
दोनों पक्षों के बयान भी सामने आए
हमले में घायल दोनों पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं राहुल, जिसकी ओर से पुलिस को बुलाया गया था, ने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष गांव में दबंगई करता है और अक्सर विवाद करता रहता है. उसके मुताबिक, पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को ही निशाना बना लिया. दूसरी ओर गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा 'मौके पर काफी लोग मौजूद थे. किसने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, इसकी मुझे जानकारी नहीं है.' पुलिस उसके बयान की भी जांच कर रही है. इस पूरी घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
एसीपी बोले- पुलिस से भिड़ने वालों पर कार्रवाई जारी
मामले पर एसीपी अंकित कुमार ने बताया 'विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी. इस दौरान एक पक्ष पुलिस से भिड़ गया. फिलहाल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.'
क्या था बिकरू कांड?
उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामलों में से एक था. 2-3 जुलाई 2020 को कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला किया गया था. इस हमले में तत्कालीन डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मियों शहीद हो गए थे. घटना के बाद विकास दुबे और उसके साथियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया. कई आरोपी मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि 10 जुलाई 2020 को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद कानपुर लाते समय पुलिस के अनुसार भागने की कोशिश में विकास दुबे भी मुठभेड़ में मारा गया.
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