Jhansi Luteri Dulhan: झांसी के परासाई गांव के रहने वाले उत्तम अहिरवार लंबे समय से एक जीवनसाथी की तलाश में थे. जब उनके पास बीड़ा का मुआवजा आया तो उन्हें लगा कि अब घर बसाने का सही समय है. इसी बीच उनकी मुलाकात मध्य प्रदेश के शिवपुरी के दो युवकों से हुई जिन्होंने शादी कराने का ठेका लिया. लेकिन शादी के महज 4-5 दिन बाद ही जो क्लाइमेक्स सामने आया उसने दूल्हे और उसके परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी.
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60 हजार में शादी का कॉन्ट्रैक्ट
उत्तम की मुलाकात दो ऐसे लड़कों से हुई जो खुद को शादी कराने का माहिर बता रहे थे. उन्होंने 60 हजार रुपये लेकर शादी पक्की करने का वादा किया. उत्तम ने उन पर भरोसा किया और झांसी के मशहूर करौंदी माता मंदिर में धूमधाम से शादी संपन्न हुई. रस्में हुईं, मालाएं बदली गईं और उत्तम को लगा कि आखिरकार उनकी किस्मत चमक गई है.
5वें दिन दुल्हन गायब और जेवर भी साफ
शादी के बाद दुल्हन ससुराल आई और चार दिनों तक सब कुछ सामान्य रहा. लेकिन पांचवें दिन की सुबह जब परिवार जागा तो दुल्हन घर से नदारद थी. इतना ही नहीं, दुल्हन अपने साथ घर में रखे सोने-चांदी के जेवर भी समेट ले गई थी. उत्तम का आरोप है कि उसे एक अधेड़ महिला से शादी कराकर फंसाया गया, जो मौका पाकर लाखों का माल लेकर फरार हो गई.
लाखों का नुकसान और पुलिस में शिकायत
पीड़ित उत्तम अहिरवार के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में उनके करीब 1 लाख 20 हजार रुपये नकद खर्च हो गए और लाखों के जेवर भी चोरी हो गए. उत्तम ने अब पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई है. उन्होंने उन बिचौलियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने इस 'फर्जी शादी' का ताना-बाना बुना था.
पुलिस की जांच और तलाश
झांसी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत दर्ज कर ली है. पुलिस उन युवकों की तलाश कर रही है जिन्होंने मध्य प्रदेश से आकर यह शादी कराई थी. पुलिस का कहना है कि वे इस ठगी कांड की गुत्थी सुलझाने के लिए अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रहे हैं.
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