गोरखपुर विश्वविद्यालय में धरना दे रहे छात्रों को धमकाते और अपशब्द कहते दरोगा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में दरोगा कहते सुनाई दे रहे हैं, "बता दे रहा हूं इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा. गोरखपुर पुलिस है... जान नहीं रहे हो कि ये गोरखपुर पुलिस है." वर्दी के रौब में कही गई इन बातों का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में पुलिस की भाषा और रवैये को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
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अखिलेश यादव ने शेयर किया वीडियो, पुलिस के रवैये पर कसा तंज
मामले के तूल पकड़ने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए पुलिस के रवैये पर हमला बोला. अखिलेश यादव ने लिखा कि 'पुलिसकर्मी मुख्य से प्रेरित हैं, इसलिए मौखिक रूप से इतने उद्वेलित हैं.' उन्होंने संयम और सौम्यता बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि ये आंदोलनकारी छात्र हैं, कोई अपराधी नहीं.
जानें क्या है 8 सितंबर का पूरा घटनाक्रम
यह पूरा विवाद 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच का बताया जा रहा है. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्ज्वल सिंह अपनी मांगों और कथित अनियमितताओं को लेकर 5 सितंबर से भूख हड़ताल पर बैठे थे (उनका प्रदर्शन 25 अगस्त से चल रहा था).
छात्रों से बातचीत करने के लिए एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय पहुंचे. बातचीत के दौरान छात्रों और एडिशनल प्रॉक्टर के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई. एडिशनल प्रॉक्टर को सुरक्षा घेरे में वहां से निकलना पड़ा. इसी दौरान छात्रों को नियंत्रित करने की कोशिश में विश्वविद्यालय पुलिस चौकी इंचार्ज दरोगा अविरल मिश्रा और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो वायरल हो गया.
कौन हैं दरोगा अविरल मिश्रा? पहले भी हो चुके हैं लाइन हाजिर
वायरल वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी कैंट थाना क्षेत्र की विश्वविद्यालय पुलिस चौकी के इंचार्ज अविरल मिश्रा हैं. यह पहली बार नहीं है जब उनका नाम किसी विवाद में आया हो.
कैंपियरगंज का पुराना विवाद (18 मई 2026): इससे पहले जब अविरल मिश्रा कैंपियरगंज थाना क्षेत्र की चौकी पर तैनात थे, तब उन पर ईंट भट्टे पर मिट्टी ले जा रहे वाहन को रोकने और ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह के साथ फोन पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा था.
कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप: आरोप था कि उसी शाम वह पुलिसकर्मियों के साथ ईंट भट्टे पर पहुंचे और कर्मचारियों से अभद्रता की.
एसपी नॉर्थ की जांच के बाद एक्शन: तत्कालीन एसपी नॉर्थ की जांच में आरोप सही पाए जाने पर तत्कालीन एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने अविरल मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया था और विभागीय जांच बैठा दी थी. इसके बाद उनकी तैनाती विश्वविद्यालय चौकी पर हुई थी.
दावा किया जा रहा है कि अविरल मिश्रा मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले हैं और उन्होंने मुरादाबाद पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से अपनी ट्रेनिंग पूरी की है.
छात्रों का आरोप और नए कुलपति का बयान
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता सतीश प्रजापति का कहना है कि दरोगा ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली दी, जो असंवैधानिक है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दो दिनों में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह भूख हड़ताल आमरण अनशन में बदल जाएगी और वे पानी भी त्याग देंगे.
वहीं विश्वविद्यालय में पहुंचे नए कुलपति ने कहा कि प्रत्येक छात्र राष्ट्र की संपत्ति और भविष्य है. उन्होंने आश्वासन दिया कि वे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों सभी से बात करेंगे और जो भी फैसला लिया जाएगा, वह छात्र हित में होगा.
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