Indian Railways Train Cancelled Update: अगर आप 16 से 21 जुलाई 2026 के बीच गोरखपुर, छपरा, नरकटियागंज, देवरिया, बस्ती, गोंडा, वाराणसी या इस रेलखंड से होकर यात्रा करने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. रेलवे प्रशासन ने वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट-उनौला रेलखंड पर पैच दोहरीकरण (Patch Doubling) के कमीशनिंग कार्य के चलते कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव करने का फैसला लिया है. इस दौरान कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, कई ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को निर्धारित स्टेशन से पहले ही समाप्त या दूसरे स्टेशन से संचालित किया जाएगा. इसलिए यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए.
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गोरखपुर कैंट-उनौला रेलखंड पर होगा होगा काम
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सुमित कुमार ने बताया कि वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट और उनौला स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक और अन्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पैच दोहरीकरण का काम किया जाएगा. इसके लिए 16 से 21 जुलाई 2026 तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य होगा. इसके बाद 21 जुलाई को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) इस रेलखंड का निरीक्षण करेंगे. इन जरूरी कार्यों के चलते यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों का संचालन सुचारु बनाए रखने के लिए कई ट्रेनों के समय और संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं.
इन ट्रेनों को किया गया निरस्त
रेलवे ने इस अवधि में कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है. इनमें 15105/15106 छपरा-नौतनवा एक्सप्रेस, 14111/14112 प्रयागराज जंक्शन-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, 15567/15568 बापूधाम मोतिहारी-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं. इसके अलावा नकहा जंगल, गोरखपुर कैंट, नरकटियागंज और छपरा से चलने वाली कई सवारी (पैसेंजर) ट्रेनें भी अलग-अलग तारीखों पर निरस्त रहेंगी. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन ट्रेनों के रद्द रहने की अवधि और तारीखें पहले से तय कर दी गई हैं, इसलिए संबंधित यात्री अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं.
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16 ट्रेनों का बदलेगा मार्ग
तकनीकी कार्य के कारण कुल 16 ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया है. इनमें अमृतसर-दरभंगा एक्सप्रेस, पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर एक्सप्रेस, ललितग्राम-नई दिल्ली एक्सप्रेस, कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस, गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस, मथुरा-छपरा एक्सप्रेस, दरभंगा-नई दिल्ली एक्सप्रेस, अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, छपरा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस, रक्सौल-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनस-बापूधाम मोतिहारी एक्सप्रेस, खातीपुरा-दरभंगा एक्सप्रेस तथा बरौनी और दरभंगा से नई दिल्ली जाने वाली विशेष ट्रेनें शामिल हैं. इन ट्रेनों को अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा, जिसके चलते कई प्रमुख स्टेशनों पर उनका ठहराव नहीं रहेगा.
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इन ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन और शॉर्ट ओरिजिनेशन
रेलवे ने 17 ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया है. इनमें बनारस-गोरखपुर एक्सप्रेस, गोरखपुर-बनारस एक्सप्रेस, गोमतीनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस, गोरखपुर कैंट-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस, दादर-गोरखपुर विशेष गाड़ी और कई पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. ये ट्रेनें अपने अंतिम स्टेशन तक नहीं जाएंगी, बल्कि देवरिया सदर, आनंद नगर, भटनी, मऊ या कप्तानगंज जैसे स्टेशनों तक ही संचालित होंगी. वहीं वापसी की दिशा में भी इन्हें इन्हीं स्टेशनों से चलाया जाएगा.
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इस रूट के यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर
रेलवे के इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव गोरखपुर, देवरिया सदर, बस्ती, गोंडा, सीवान, नरकटियागंज, कप्तानगंज, भटनी, छपरा और आसपास के रेल यात्रियों पर पड़ेगा. कई ट्रेनों का इन स्टेशनों पर ठहराव समाप्त कर दिया गया है, जबकि कुछ ट्रेनें इन स्टेशनों से होकर गुजरेंगी ही नहीं. ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखी है, उन्हें अपने ट्रेन नंबर और यात्रा तिथि के अनुसार संचालन की स्थिति की पुष्टि करना जरूरी होगा.
यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर करें चेक
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति जरूर देख लें. क्योंकि अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है. कुछ ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी, कुछ परिवर्तित मार्ग से चलेंगी और कुछ का संचालन बीच के स्टेशन तक ही सीमित रहेगा. ऐसे में बिना जानकारी के स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
यात्रियों की सुविधा के लिए किया जा रहा कार्य
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गोरखपुर कैंट-उनौला रेलखंड पर किया जा रहा पैच दोहरीकरण का कार्य भविष्य में रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. प्री-नॉन इंटरलॉकिंग, नॉन इंटरलॉकिंग और रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद इस सेक्शन की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा. हालांकि इस दौरान कुछ दिनों तक यात्रियों को अस्थायी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में इसका लाभ लाखों रेल यात्रियों को मिलेगा. रेलवे ने कहा है कि सभी बदलाव केवल निर्धारित अवधि के लिए हैं और कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा.
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