UP Higher Education: उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर आ रही है. अगर आप भी एमबीए (MBA) करके ग्लोबल कंपनियों में मोटी सैलरी वाली नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो अब आपको दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों या सीधे विदेश भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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गोरखपुर की दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी (DDU) उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी विश्वविद्यालय बनने जा रहा है, जो छात्रों को डुअल एमबीए डिग्री प्रोग्राम का मौका देगा.
विश्वविद्यालय ने इस प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है. यानी अब एक ही कोर्स के तहत छात्र भारत के साथ-साथ विदेशों में भी पढ़ाई कर सकेंगे, लेकिन, इस प्रोग्राम की सबसे खास बात क्या है और कैसे यह सिर्फ एक डिग्री के खर्च और समय में आपको दो अलग-अलग देशों की डिग्री दिलाएगा? इसकी इनसाइड स्टोरी आपको हैरान कर देगी...
1 साल गोरखपुर और 1 साल मलेशिया
इस नए और अनोखे अरेंजमेंट के तहत छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर देने के लिए एक खास रोडमैप तैयार किया गया है:
- पहला साल भारत में: इस प्रोग्राम में एडमिशन लेने वाले छात्र अपने एमबीए कोर्स का पहला साल गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कैंपस में ही पूरा करेंगे.
- दूसरा साल विदेश में: कोर्स के दूसरे साल में छात्रों को मलेशिया की मशहूर लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज भेजा जाएगा.
- एक साथ दो डिग्रियां: जब छात्र अपना यह दो साल का कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे, तो उन्हें दोनों ही संस्थानों से अलग-अलग एमबीए की डिग्री मिलेगी.
ग्लोबल मार्केट के लिए तैयार होंगे छात्र
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अकादमिक माहौल मिलेगा, बल्कि वे आधुनिक मैनेजमेंट प्रैक्टिस और ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशंस को भी बारीकी से समझ पाएंगे. इस कोर्स को करने के बाद मल्टीनेशनल कंपनियों में बड़े पैकेज वाली नौकरियों के रास्ते आसानी से खुल जाएंगे.
इस ऐतिहासिक फैसले पर खुशी जताते हुए गोरखपुर यूनिवर्सिटी की वाइस-चांसलर प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा,
"यह पहल उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम है. इससे हमारे छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उन्हें इंटरनेशनल लर्निंग के बेहतरीन अवसर देने में मदद मिलेगी."
फीस और एडमिशन कब से?
अब आपके मन में सवाल होगा कि इसके लिए आवेदन कब से करना है और फीस कितनी होगी? यूनिवर्सिटी प्रशासन इस समय इसके फीस स्ट्रक्चर और एडमिशन प्रोसेस को अंतिम रूप देने में जुटा है. अधिकारियों के मुताबिक, अगले एक हफ्ते के भीतर इसकी पूरी डिटेल और घोषणाएं सामने आ जाएंगी.
त्तर प्रदेश के पूर्वांचल जैसे इलाकों के छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिसमें काफी पैसा और वक्त बर्बाद होता था. गोरखपुर यूनिवर्सिटी का यह फैसला वाकई काबिलेतारीफ है.
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