उत्तर प्रदेश और सोशल मीडिया की ताजा हलचलों को समेटे इस रिपोर्ट में दो प्रमुख खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं. पहली खबर गलगोटिया यूनिवर्सिटी के विवादित ड्रोन और रोबोट से जुड़ी है, तो दूसरी अलीगढ़ के हिंदूवादी नेता पंकज धरव्वैया के अनशन से. ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर भारी बेइज्जती का सामना कर रही है. भारत में आयोजित एआई समिट (AI Summit) में यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया था, जिसे लेकर दावा किया गया कि यह उनका अपना आविष्कार है, जबकि बाद में पता चला कि वह चीन का उत्पाद था.
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समिट में उनके स्टॉल को बंद कर दिया गया है. इसी बीच, यूनिवर्सिटी का एक 'ड्रोन' वीडियो वायरल हो रहा है, जो थर्माकोल, प्लास्टिक और फोम से बना है. सोशल मीडिया यूजर्स इस ड्रोन का मजाक उड़ा रहे हैं. वीडियो में दिखाया गया है कि ड्रोन की पंखुड़ियां जाम हैं और उसे धागों से बांधा गया है. लोग तंज कस रहे हैं कि क्या 350 करोड़ रुपये इसी 'थर्माकोल एआई तकनीक' पर खर्च किए जा रहे हैं.
अलीगढ़: पंकज धरेवा का अनशन
अलीगढ़ के हिंदूवादी नेता पंकज धरव्वैया पिछले 13 दिनों से अनशन पर बैठे हैं. वे यूजीसी (UGC) के नियमों का विरोध कर रहे हैं और गौ माता को 'राष्ट्र माता' बनाने की मांग कर रहे हैं. वीडियो में उनकी हालत काफी खराब दिख रही है. उन्होंने सवर्ण समाज (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ) के नेताओं से सवाल किया है कि वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं. राष्ट्रीय सवर्ण परिषद द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ये नियम वापस नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियां बर्बाद हो जाएंगी.
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