Noida International Airport Inauguration Update: सिंगापुर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कनेक्टिविटी के मामले में देश का नेतृत्व कर रहा है. मुख्यमंत्री योगी ने गर्व के साथ बताया कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे प्रदेश के बाद एयरपोर्ट प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है. इस दौरान उन्होंने जेवर एयरपोर्ट को लेकर भी बड़ी घोषणा की. वहीं, सीएम ने प्रवासियों को राज्य की प्रगति में सहभागी बनने का न्योता भी दिया.
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क्या है CM योगी का बड़ा ऐलान?
सीएम योगी ने घोषणा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत में सबसे अधिक हवाई अड्डों वाला राज्य बन गया है. उन्होंने सबसे बड़ा ऐलान जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर किया. सीएम योगी ने बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने (मार्च 2026) नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन करेंगे. यह हवाई अड्डा न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने जा रहा है.
नोएडा एयरपोर्ट है ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है. सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है. लगभग 1300 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का संचालन शुरू में सितंबर 2024 में निर्धारित था लेकिन यह कई समय-सीमाओं (डेडलाइन्स) से चूक चुका है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कैसे पहुंचे?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान है क्योंकि इसकी कनेक्टिविटी काफी अच्छी है. यह एयरपोर्ट दिल्ली से लगभग 75-80 किलोमीटर, नोएडा से लगभग 35-40 किलोमीटर और ग्रेटर नोएडा से लगभग 20-30 किलोमीटर दूर है. यात्री अपनी निजी गाड़ी, टैक्सी या कैब का उपयोग करके सीधे यहां पहुंच सकते हैं. यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से यहां तक की यात्रा सबसे सुविधाजनक है, जिससे समय की बचत होती है और आप बिना किसी परेशानी के अपनी उड़ान पकड़ सकते हैं.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का निर्माण चार बड़े चरणों में किया जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत 29,561 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. यह एयरपोर्ट यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है. हर चरण में इसकी क्षमता को बढ़ाया जाएगा.
चरणों के अनुसार विकास का खाका
पहला चरण (Phase-I):
- लागत: 4,588 करोड़ रुपये
- यात्री क्षमता: 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष
- परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2023 से 2027 तक
दूसरा चरण (Phase-II):
- लागत: 5,983 करोड़ रुपये
- यात्री क्षमता: 3 करोड़ यात्री प्रति वर्ष
- परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2031 से 2032 तक
तीसरा चरण (Phase-III):
- लागत: 8,415 करोड़ रुपये
- यात्री क्षमता: 5 करोड़ यात्री प्रति वर्ष
- परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2036 से 2037 तक
चौथा चरण (Phase-IV):
- लागत: 10,575 करोड़ रुपये
- यात्री क्षमता: 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष
- परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2040 से 2050 तक
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