Amethi News: कमरौली स्थित शिव शक्ति हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है. तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की पुष्टि होने के बाद यह निर्णय लिया गया. निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में किसी भी प्रकार की चिकित्सीय गतिविधि पर रोक लगा दी गई है.
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जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को अशरफपुर चिलौली गांव निवासी अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा, पुत्र नंदकुमार ओझा, को प्लेटलेट्स की कमी के चलते कमरौली स्थित शिव शक्ति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और उपचार व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अंशुमान सिंह के निर्देश पर 22 जुलाई को तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया. जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपचार में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट-2010 के तहत शिव शक्ति हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बी-7/8, उतेलवा, जगदीशपुर (पंजीयन संख्या RMEE-2227769) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि में अस्पताल में किसी भी मरीज का इलाज या अन्य चिकित्सीय गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी. आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही प्रमाणित हुई है, जिसके आधार पर लाइसेंस 90 दिनों के लिए निलंबित किया गया है. उन्होंने कहा कि निलंबन अवधि पूरी होने के बाद मामले की दोबारा समीक्षा की जाएगी. यदि अस्पताल प्रबंधन संतोषजनक जवाब या सुधार प्रस्तुत नहीं करता है तो लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
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