Amethi News: अमेठी में सावन माह में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिले के प्रमुख शिवालयों तपेश्वर नाथ धाम पीढ़ी, अहोरवा भवानी धाम और दंडेश्वर धाम में जलाभिषेक के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. शिवालयों में जाने वाले रास्तों को भी दुरुस्त किया जा रहा है. डीएम संजय चौहान और एसपी सरवणन टी स्वयं इन मंदिरों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे है.
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डीएम संजय चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से करीब एक सप्ताह पहले ही सभी एसडीएम और सीओ को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे. अधिकारियों ने मार्गों का भ्रमण कर सड़क मरम्मत संबंधी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी को उपलब्ध करा दी है, जिस पर तेजी से कार्य कराया जा रहा है. कांवड़ यात्रा के सभी प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
उन्होंने बताया कि तीनों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है. सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कराई जा रही है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था के साथ महिलाओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे. मंदिर परिसरों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीपीआरओ को सभी खराब लाइटों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही तीनों प्रमुख मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके.
एसपी सरवणन टी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिरों से करीब 200 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर प्रवेश कराया जाएगा. गर्भगृह में तैनात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी प्रत्येक दो घंटे में बदली जाएगी. जिन मार्गों से कांवड़िए गुजरेंगे, वहां पुलिस की दो-दो टीमें तैनात रहेंगी और पूरी व्यवस्था पर ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस का पूरा फोकस कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और दुर्घटनारहित ढंग से संपन्न कराना है.
स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. डीएम ने सीएमओ को जिला अस्पताल सहित सभी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके.
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