UP MLC चुनाव: आगरा की दो सीटों पर कौन जीत रहा है चुनाव? स्थानीय पत्रकारों ने किया बड़ा दावा

यूपी तक

• 12:21 PM • 25 Oct 2026

UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में एमएलसी शिक्षक और स्नातक चुनावों के बाद 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. फिरोजाबाद में स्थानीय पत्रकारों ने इन चुनावों को बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए अहम बताया है.

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UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी शिक्षक और स्नातक चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. कई राजनीतिक जानकार इसे 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल मान रहे हैं. फिरोजाबाद में मतदान के बाद स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में यह सवाल उठाया गया कि क्या सच में इन चुनावों का असर 2027 के विधानसभा चुनावों पर देखने को मिलेगा. पत्रकारों का मानना है कि यह चुनाव पढ़े-लिखे और बुद्धिजीवी लोगों का है, इसलिए इसमें जातिवाद और आम मुद्दे हावी नहीं होते. हालांकि, बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ही इन चुनावों में पूरी ताकत लगा रही हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में मुकाबला कितना कड़ा होने वाला है.

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बुद्धिजीवी वर्ग का चुनाव, जातिवाद का असर कम

वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र गुप्ता और अरविंद शर्मा के अनुसार एमएलसी चुनाव आम विधानसभा चुनावों से बिल्कुल अलग होता है. विधानसभा चुनावों में जहां सड़क, बिजली, पानी और जातिवाद जैसे मुद्दे हावी रहते हैं, वहीं एमएलसी चुनाव में शिक्षक और स्नातक अपनी समस्याओं को हल करने वाले प्रत्याशी की तलाश करते हैं. इसमें पीडीए जैसे जातिगत समीकरणों का ज्यादा असर नहीं दिखता. यह चुनाव प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि और सत्ताधारी दल के प्रति लोगों के रुझान पर निर्भर करता है.

बीजेपी और सपा दोनों के लिए महत्वपूर्ण

पत्रकारों का मानना है कि यह चुनाव बीजेपी और सपा दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. जहां बीजेपी अपनी सत्ता और साख को बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, वहीं लंबे समय से विपक्ष में बैठी सपा के कार्यकर्ताओं में भी नया जोश देखने को मिल रहा है. इस चुनाव में बीजेपी के कई बड़े नेताओं की साख दांव पर लगी है. अगर बीजेपी इन सीटों को नहीं निकाल पाती है, तो उनके प्रभारियों की साख को नुकसान पहुंच सकता है. दूसरी ओर सपा भी किसी भी कीमत पर जीत हासिल करना चाहती है.

2027 के लिए क्या हैं संकेत?

पत्रकार रविंद्र वर्मा का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से यह एमएलसी चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. इससे लोगों के मतदान प्रतिशत और रुझान का पता चलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि इस बार के चुनावों में बीजेपी को पहले की तरह एकतरफा जीत मिलना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि सपा के कार्यकर्ता भी पूरे जोश में हैं. हालांकि, असल तस्वीर 27 तारीख को मतगणना के बाद ही साफ हो पाएगी कि ऊंट किस करवट बैठता है.