Rajkumar Bhati Controversy: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी को उनके विवादित बयान को लेकर कड़ी चेतावनी दी है. इटावा में एमएलसी चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचे रामगोपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि राजकुमार भाटी का बयान उनका निजी बयान हो सकता है और पार्टी इसका विरोध करती है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भाटी को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए और अगर वह भविष्य में भी ऐसे ही बयान देते रहे, तो उन्हें पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया जाएगा. यह पूरा विवाद दिल्ली में आयोजित एक बौद्ध सम्मेलन में राजकुमार भाटी के शामिल होने और वहां ली गई प्रतिज्ञाओं का वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ है.
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बौद्ध सम्मेलन में ली गई प्रतिज्ञा
राजकुमार भाटी दशहरे के दिन 20 अक्टूबर को दिल्ली के अंबेडकर भवन में आयोजित एक बौद्ध सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में गए थे. इस कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं दोहराई जा रही थीं. जिनमें राम, कृष्ण और ब्रह्मा जैसे हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की बात शामिल थी. इस दौरान राजकुमार भाटी वहां मौजूद थे. इसका एक वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि भाटी भारतीय संस्कृति और हिंदू देवी-देवताओं का घोर अपमान कर रहे हैं.
अखिलेश की रणनीति पर उठे सवाल
राजकुमार भाटी के इस कदम को अखिलेश यादव की मौजूदा राजनीति के उलट माना जा रहा है. अखिलेश यादव इन दिनों उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को साथ जोड़ने और सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति कर रहे हैं, ताकि चुनाव को हिंदू बनाम मुसलमान होने से रोका जा सके. ऐसे में राजकुमार भाटी का उस विवादित मंच पर खड़ा होना बीजेपी को समाजवादी पार्टी पर सीधे हमला करने का बड़ा मौका दे रहा है. इससे पहले भी भाटी ब्राह्मणों और गुर्जरों को लेकर दिए गए अपने कुछ उदाहरणों के कारण विवादों में घिर चुके हैं.
राजकुमार भाटी ने दी अपनी सफाई
विवाद बढ़ता देखकर राजकुमार भाटी ने कैमरे के सामने आकर अपनी पूरी सफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि वह एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और सभी धर्मों का सम्मान करते हुए हर जगह जाते हैं. उन्होंने साफ किया कि न तो उन्होंने अपना हिंदू धर्म छोड़ा है और न ही धर्म परिवर्तन करने का उनका कोई इरादा है. भाटी ने कहा कि वह हिंदू धर्म में पैदा हुए थे और आज भी पूरी तरह से हिंदू ही हैं. उन्होंने बीजेपी आईटी सेल पर जानबूझकर अफवाह फैलाने और उनके खिलाफ झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया है.
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