आगरा एयरपोर्ट की डेट फिक्स, डेडलाइन की तारीख सामने आई... यहां मिलेंगी ये 5 टॉप सुविधाएं

Agra News: आगरा के नए सिविल एयरपोर्ट के लिए 30 सितंबर 2026 की डेडलाइन तय. 441 करोड़ की लागत से बन रहे टर्मिनल का 55% काम पूरा. वाराणसी और गोवा के लिए शुरू होंगी उड़ानें.

अधिकारियों संग एयरपोर्ट का निरीक्षण करते मंत्री एसपी सिंघ बघेल

अरविंद शर्मा

19 Feb 2026 (अपडेटेड: 19 Feb 2026, 01:54 PM)

follow google news

आगरा को आखिरकार अपना सिविल एयरपोर्ट मिलने की तारीख मिल गई है. धनौली में बन रहे नए सिविल टर्मिनल के संचालन के लिए 30 सितंबर 2026 की डेडलाइन तय कर दी गई है. आगरा हवाई अड्डा सलाहकार समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री और सांसद एसपी सिंह बघेल ने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट का 55% काम पूरा हो चुका है और अब इसे युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. 

यह भी पढ़ें...

वाराणसी, गोवा और गुवाहाटी के लिए शुरू होंगी उड़ानें

बैठक में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ कनेक्टिविटी पर खास जोर दिया गया. अधिकारियों ने आगरा से गोवा, सूरत, गुवाहाटी, जम्मू-कश्मीर और बौद्ध सर्किट के तहत वाराणसी के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना पर चर्चा की. इंडिगो एयरलाइंस और प्रशासन के साथ हुए इस मंथन से आगरा के पर्यटन उद्योग को बड़ी उम्मीदें जगी हैं. 

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया टर्मिनल

441.79 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह एयरपोर्ट 144 एकड़ में फैला है. यहां 33,845 वर्ग मीटर की टर्मिनल बिल्डिंग में 19 चेक-इन काउंटर और 12 ई-चेक-इन काउंटर होंगे. 6 सिक्योरिटी काउंटर, 3 फुल बॉडी स्कैनर और 'डिजी यात्रा' डिवाइस की सुविधा मिलेगी. एयरपोर्ट परिसर में 400 वाहनों की मल्टीलेवल और 200 कारों की सर्फेस पार्किंग की सुविधा मौजूद रहेगी. यहां 500 किलोवॉट का सोलर प्लांट, 33 ईवी चार्जिंग स्टेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी होगा. 

सुरक्षा के लिए 5 एकड़ जमीन की मांग

एयरपोर्ट के विस्तार के साथ ही सुरक्षा चाक-चौबंद करने की तैयारी है. सीआईएसएफ (CISF) अधिकारियों ने बैठक में 250 जवानों की तैनाती के लिए 5 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मांग उठाई है ताकि उनके आवास और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जा सके. 

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने निर्माण स्थल पर काम कर रहे श्रमिकों से भी बातचीत की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित कर उन्हें ई-लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत दिलाया जाए.