कोचिंग सील होने के बाद विवेक सर ने 12 जून को लखनऊ में किया सत्याग्रह का ऐलान, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Prayagraj Coaching Controversy: प्रयागराज में कोचिंग सेंटरों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद विवाद तेज हो गया है. इसी बीच शिक्षक विवेक कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने 12 जून को लखनऊ के इको गार्डन में छात्रों और अभिभावकों के साथ शांतिपूर्ण सत्याग्रह का आह्वान किया है.

Prayagraj Coaching Controversy: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और कोचिंग सेंटरों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच प्रयागराज के एग्जामपुर कोचिंग से जुड़े शिक्षक विवेक कुमार का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने 12 जून को लखनऊ में बड़े स्तर पर सत्याग्रह और प्रदर्शन का आह्वान किया है. इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक मामला और गरमा गया है. छात्र, शिक्षक और कई राजनीतिक नेता इस पूरे मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहे हैं.

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12 जून को लखनऊ में सत्याग्रह का आह्वान

वायरल वीडियो में विवेक कुमार ने छात्रों से अपील की है कि 12 जून को सुबह 9 से 10 बजे के बीच लखनऊ के इको गार्डन में एकत्र हों. उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपने माता-पिता और अभिभावकों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल हों. वीडियो में यह भी कहा गया है कि छात्र अपने साथ पानी की बोतल, ओआरएस और हल्का भोजन लेकर आएं, क्योंकि वहां किसी तरह के भंडारे या खाने की व्यवस्था नहीं होगी.

उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी तरह की उपद्रवी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनका कहना है कि छात्रों को अपनी मांगें मजबूती से रखनी हैं और मांग पूरी होने तक शांतिपूर्ण तरीके से डटे रहना है.

कोचिंग कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद

यह पूरा मामला 29 मई को प्रयागराज में निकाले गए कैंडल मार्च के बाद और ज्यादा चर्चा में आ गया. इसके बाद 31 मई को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने नियमों के उल्लंघन और अवैध निर्माण के आरोप में एग्जामपुर कोचिंग सेंटर समेत कई संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया.

इसके बाद क्लाइमेक्स एकेडमी और अन्य कोचिंग संस्थानों पर भी नोटिस चस्पा किए गए. इस कार्रवाई को लेकर छात्रों और शिक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिली.

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस पूरे मामले में अब राजनीति भी जुड़ गई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं. अखिलेश यादव ने कोचिंग सेंटरों की सीलिंग पर फायर ऑडिट और जांच की मांग करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा की बात कही है.

वहीं, कुछ नेताओं ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों के आधार पर की गई है.

सीलिंग और नोटिस का कारण

प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि कई कोचिंग संस्थान नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे. आरोप है कि बिना अनुमति निर्माण, बेसमेंट में कक्षाएं, आपातकालीन निकास बंद होना और फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करना जैसी गंभीर खामियां पाई गईं. इसके बावजूद नोटिस के बाद भी संचालन जारी रखने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया.

छात्र आंदोलन और बढ़ता तनाव

29 मई के कैंडल मार्च के बाद से ही छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों के खिलाफ वे लगातार आवाज उठा रहे हैं.

31 मई की कार्रवाई के बाद कई कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई बाधित हो गई है, जिससे हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं. अब 12 जून को प्रस्तावित लखनऊ प्रदर्शन को इस आंदोलन का बड़ा चरण माना जा रहा है.

राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद और अन्य नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. सभी ने कोचिंग सेंटरों पर हुई कार्रवाई और छात्रों के आंदोलन को लेकर सवाल उठाए हैं. प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.