उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा संपन्न हो गई है. 25 तारीख से शुरू हुई यह परीक्षा तीन दिनों तक चली, जिसमें प्रदेश भर से लगभग 25 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. परीक्षा को शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कड़े इंतजाम किए थे, बावजूद इसके कुछ शरारती तत्वों और ठगों ने सेंधमारी की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने मुस्तैदी से नाकाम कर दिया.
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सोशल मीडिया पर पेपर लीक की अफवाह: लखनऊ-बरेली में केस दर्ज
परीक्षा के दौरान टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर पेपर लीक करने और प्रश्न पत्र बेचने के झूठे दावे कर अभ्यर्थियों को भ्रमित करने की कोशिश की गई. लखनऊ और बरेली पुलिस ने ऐसे टेलीग्राम चैनलों और व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं जो फर्जी पेपर के जरिए ठगी कर रहे थे. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक के सभी दावे पूरी तरह निराधार हैं.
बायोमेट्रिक जांच में पकड़े गए 'मुन्नाभाई'
बरेली में धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां एक अभ्यर्थी ने दो अलग-अलग नामों से दो परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने की कोशिश की. हालांकि, परीक्षा केंद्र पर तैनात बायोमेट्रिक सिस्टम ने उसकी चालाकी पकड़ ली. इसके अलावा, लखनऊ के हुसैनगंज थाने में भी परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश करने वाले कई आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
अभ्यर्थियों के लिए चेतावनी: "न हों ठगी का शिकार"
भर्ती बोर्ड और पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को सख्त चेतावनी जारी की है कि वे किसी भी प्रकार की गलत सूचना या सोशल मीडिया पर बिकने वाले 'फर्जी पेपर' के झांसे में न आएं. बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा और निगरानी के कड़े प्रबंध
25 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे. सीसीटीवी कैमरों और फ्लाइंग स्क्वॉड के जरिए कड़ी निगरानी रखी गई. पुलिस की साइबर सेल लगातार टेलीग्राम और सोशल मीडिया पर नजर रख रही है ताकि ठगी करने वाले गिरोहों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके.
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