UP PET 2026: 25 अक्टूबर से परीक्षा शुरू, 35 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी देंगे पेपर, रेलवे ने किया खास इंतजाम

यूपी तक

• 12:42 PM • 25 Oct 2026

UP PET 2026: उत्तर प्रदेश में UPSSSC PET 2026 की परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को होनी है. इस परीक्षा में 35 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए शामिल हो रहे हैं.

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UP PET 2026: उत्तर प्रदेश में यूपी ट्रिपल एससी पेट परीक्षा की शुरुआत हो गई है. यह परीक्षा कुल तीन दिनों तक चलेगी जिसके लिए 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 की तारीख तय की गई है. इस परीक्षा के लिए 35 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है. पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी. 

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PET परीक्षा ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल और जूनियर असिस्टेंट जैसे ग्रुप सी और ग्रुप बी के पदों के लिए जरूरी प्रारंभिक परीक्षा है. ओएमआर आधारित इस परीक्षा में कुल 100 सवाल पूछे जाते हैं, जिन्हें हल करने के लिए दो घंटे का समय मिलता है और इसमें नेगेटिव मार्किंग भी होती है. बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करके सभी जिलों में परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया है.

रेलवे ने चलाई पांच स्पेशल ट्रेनें

लाखों छात्रों की भारी भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने भी खास तैयारियां की हैं. छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए रेलवे ने पांच जोड़ी अनारक्षित स्पेशल गाड़ियां चलाई हैं. ये गाड़ियां आजमगढ़ से गोरखपुर, बलिया से कानपुर, गोरखपुर से लखनऊ, बरेली से मथुरा कैंट और लखनऊ से बरेली के बीच चल रही हैं. 

इसके अलावा शाहगंज से बलिया और कासगंज से लखनऊ जाने वाली कुछ पैसेंजर ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है. रेलवे का कहना है कि जरूरत पड़ने पर और भी गाड़ियां चलाई जा सकती हैं.

सुरक्षा और ठहरने के पुख्ता इंतजाम

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी परीक्षा को लेकर सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए हैं. सिर्फ मेरठ जोन में ही करीब चार लाख बच्चे परीक्षा देने आ रहे हैं जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं. 

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं. दूर-दराज से आने वाले छात्रों के रुकने के लिए रैन बसेरा और धर्मशालाओं की व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने इस बात का भी पूरा ध्यान रखा है कि खाने-पीने की जगहों पर छात्रों से तय रेट से ज्यादा पैसे न लिए जाएं. इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर अच्छे से चेकिंग के बाद ही छात्रों को एग्जाम सेंटर के अंदर भेजा जा रहा है.