बुलंदशहर में 8 दिनों से लापता 65 वर्षीय वर्तमान ग्राम प्रधान और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रहलाद सिंह का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे देखकर परिजनों ने हत्या और रंजिश के गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रहलाद सिंह बुलंदशहर के छतारी थाना क्षेत्र के गांव समसपुर के वर्तमान प्रधान थे और कलेक्ट्रेट से प्रशासनिक अधिकारी के पद से रिटायर हुए थे. वह 7 फरवरी को सुबह अपने घर से अहमदगढ़ गांव जाने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. परिजनों ने 8 फरवरी को नगर कोतवाली में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
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प्रहलाद सिंह का शव 8 दिन बाद सलीमपुर थाना क्षेत्र के चितसौन गांव के पास एक निर्माणाधीन कॉलोनी से बरामद हुआ. उनके बेटे ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता की आंखें निकाल ली गई हैं और हाथ-पैर की उंगलियां काट दी गई हैं. उन्होंने इसे चुनावी या पुरानी रंजिश के चलते की गई निर्मम हत्या बताया है. पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण अभी अस्पष्ट है. इसकी वजह से विसरा सुरक्षित रख लिया गया है.
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर और चेहरे पर जो घाव के निशान हैं, वे जानवरों के काटने की वजह से हो सकते हैं, न कि हथियार के. पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट को अब संबंधित धाराओं में मुकदमे में तब्दील कर दिया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है. अब बड़े सवाल ये हैं कि इन 8 दिनों के दौरान प्रहलाद सिंह कहां थे? अगर यह रंजिश का मामला था, तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराते समय किसी का नाम क्यों नहीं लिया?
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