सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर आई बधाइयों की बाढ़, मोदी-शाह से लेकर मायावती तक ने दी शुभकामनाएं

Yogi Adityanath Birthday: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर देशभर के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. अजय सिंह बिष्ट से लेकर सीएम बनने तक के उनके सफर को याद किया गया.

यूपी तक

• 11:49 AM • 05 Jun 2026

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Yogi Adityanath Birthday: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिन्हें उनके सख्त प्रशासनिक फैसलों और बेबाक अंदाज के लिए जाना जाता है, आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक शुभकामना संदेशों की बाढ़ आ गई है. योगी आदित्यनाथ को जहां समर्थक बुलडोजर बाबा और महाराज जैसे नामों से संबोधित करते हैं वहीं विरोधी भी उनके प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा करते नजर आते हैं. देश के बड़े नेताओं-डिप्टी सीएम से लेकर मायावती, नीतीश कुमार, राजनाथ सिंह और अमित शाह तक ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं.

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साधारण परिवार से मुख्यमंत्री तक का सफर

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में अजय सिंह बिष्ट के रूप में हुआ था. वे सात भाई-बहनों में पांचवें स्थान पर हैं. पढ़ाई में शुरू से ही तेज रहे योगी ने गणित विषय से बीएससी की डिग्री हासिल की और आगे एमएससी की पढ़ाई कर रहे थे लेकिन इसी दौरान उनके जीवन ने एक बड़ा मोड़ ले लिया.

सन्यास और नया नाम ‘योगी आदित्यनाथ’

साल 1994 में गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा लेने के बाद अजय सिंह बिष्ट ने सांसारिक जीवन छोड़कर सन्यास अपना लिया. इसके बाद उनका नाम योगी आदित्यनाथ रखा गया. महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया. कुछ वर्षों बाद उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी भी घोषित कर दिया.

राजनीति में प्रवेश और सांसद बनने का सफर

1998 में योगी आदित्यनाथ ने पहली बार गोरखपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. मात्र 26 साल की उम्र में वे देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गए. इसके बाद उन्होंने लगातार 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की. इस दौरान वे हिंदुत्व की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए.

मुख्यमंत्री बनने का सफर 

2017 में जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिली तो 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके कई फैसले चर्चा में आए, जिनमें बुलडोजर नीति, एनकाउंटर अभियान और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख प्रमुख रहा. 2022 में उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी कर एक नया राजनीतिक इतिहास रचा.

विकास और सुशासन पर फोकस

मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे निर्माण, निवेश, धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकता बनाया. वे बीजेपी के प्रमुख स्टार प्रचारकों में भी गिने जाते हैं और देशभर के चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं.

सियासी प्रतिक्रिया और शुभकामनाएं

योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर कई बड़े नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं.

मायावती ने उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की.
अमित शाह ने कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है.
राजनाथ सिंह ने उन्हें कर्मठ और लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताते हुए प्रदेश की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की.
केशव प्रसाद मौर्य ने भगवान श्रीराम से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना की.

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई पहचान बनाई है. चाहे समर्थन हो या विरोध, उन्हें नजरअंदाज करना संभव नहीं है. उनके समर्थक तो यहां तक मानते हैं कि वे भविष्य में राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.