चर्चा में: कौन हैं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रिय शिष्य मुकुंदानंद, उनकी पूरी कहानी सामने आ गई

Who is Mukundananda: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सबसे प्रिय शिष्य मुकुंदानंद पर पीड़ित बटुकों ने बच्चों के यौन शोषण और उन्हें पेश करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दरभंगा के रहने वाले मुकुंदानंद को शंकराचार्य का उत्तराधिकारी माना जाता है.

यूपी तक

• 06:00 AM • 27 Feb 2026

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Who is Mukundananda:वाराणसी के श्री विद्या मठ और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद में अब उनके शिष्य मुकुंदानंद सवालों के घेरे में हैं. पीड़ित बटुकों ने कैमरे के सामने आकर मुकुंदानंद पर बच्चों को टारगेट करने और उन्हें वीवीआईपी के सामने पेश करने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. जहां मुकुंदानंद इसे एक बड़ी साजिश बता रहे हैं. वहीं मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है.

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क्या हैं मुकुंदानंद पर आरोप?

पीड़ित बटुकों का आरोप है कि वाराणसी मठ में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले बच्चों को मुकुंदानंद ही मैनेज करते थे. आरोप के अनुसार, वे नाबालिगों को सिखाते थे कि 'गुरु सेवा' कैसे करनी है और उन्हें शंकराचार्य व अन्य विशिष्ट अतिथियों के सामने पेश करते थे. बटुकों ने यह भी दावा किया कि बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से आपदा प्रभावित बच्चों को लाया जाता था और मुकुंदानंद के माध्यम से उनका शोषण किया जाता था.

मुकुंदानंद का बचाव

मुकुंदानंद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि जिन बच्चों ने आरोप लगाए हैं, वे कभी मठ के किसी भी संस्थान के छात्र रहे ही नहीं. उन्होंने दावा किया कि यह शंकराचार्य की छवि खराब करने की एक साजिश है और प्रशासन को उन बच्चों को शिकायतकर्ता (76A हिस्ट्रीशीटर) के चंगुल से छुड़ाकर अपने संरक्षण में लेना चाहिए.

कौन हैं मुकुंदानंद?

मुकुंदानंद का असली नाम मयंक शेखर मिश्रा है और वे मूल रूप से बिहार के दरभंगा के रहने वाले हैं. उन्होंने वाराणसी आकर वेद, भागवत और व्याकरण का अध्ययन किया. 2019 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें ब्रह्मचारी की दीक्षा दी और 2025 में वे 'दंडी सन्यासी' बने. वे उत्तराखंड में ज्योतिर्मठ आश्रम के प्रभारी भी हैं और उन्हें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का 'अघोषित उत्तराधिकारी' माना जाता है.

पुलिस कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट

प्रयागराज की झूंसी पुलिस इस मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए वाराणसी में डेरा डाले हुए है. रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित नाबालिगों के मेडिकल परीक्षण में यौन शोषण की पुष्टि हुई है जिसके आधार पर अब मुकुंदानंद और शंकराचार्य पर बड़ा कानूनी एक्शन हो सकता है.