प्रतीक यादव का निधन अचानक पल्मोनरी एम्बोलिज्म और हार्ट फेल्योर के कारण हुआ. उन्हें पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं जिनमें डीप वेनस थ्रोम्बोसिस और ब्लड थिनर थे. उनके लंबे समय के इलाज के बावजूद उनकी बीमारी ने प्रगति की थी और हार्ट में थक्का बनने से स्थिति और भी गंभीर हो गई. फिटनेस के प्रति जागरूक रहने के बावजूद उनका वजन बढ़ना और तनाव के कारण उनकी हालत कमजोर हुई.
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डॉक्टर रुचिका शर्मा ने बताया कि प्रतीक यादव लंबे समय से इस बीमारी का इलाज करा रहे थे और हाल ही में उनका हार्ट भी प्रभावित हुआ था. लंबे ट्रैवल और सर्जरी के बाद थक्का फेफड़ों में चला गया, जिसने उनकी जान ली.
उनकी अचानक मृत्यु के पीछे दो बार गिरने की घटनाएं भी जिम्मेदार हैं, जिससे शरीर पर चोटें आईं. ब्लड थिनर होने के कारण चोटें गंभीर हो सकती थीं. इसके साथ ही उनके बढ़ते वजन और व्यायाम न कर पाने से उनकी सेहत और खराब हुई. डॉक्टर ने बताया कि इस तरह के मरीजों को थ्रोम्बोलिसिस जैसे प्रोसीजर कराने की सलाह दी जाती है. लेकिन प्रतीक यादव की स्थिति गंभीर होने के कारण क्षति हो गई. यह घटना युवाओं के लिए एक जागरूकता का विषय होनी चाहिए.
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