अचानक आंधी-तूफान से यूपी मच गया हाहाकार, 89 लोगों समेत कई जानवरों की भी हुई मौत!

उत्तर प्रदेश में आए भयंकर आंधी तूफान में 79 लोगों की मौत हुई और भारी जनहानि हुई. प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर मुआवजा वितरण के आदेश दिए हैं. कई जिलों में भारी नुकसान की खबर है.

यूपी तक

• 05:52 PM • 14 May 2026

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उत्तर प्रदेश के मौसम में आए अचानक बदलाव ने पूरे सूबे में कोहराम मचा दिया है.बुधवार दोपहर के बाद शुरू हुए तूफान के तांडव ने राज्य के कई हिस्सों में जान-माल का भारी नुकसान किया है. बेमौसम बारिश, भीषण आंधी और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से अब तक कुल 89 लोगों की जान जा चुकी है. इस आपदा में न केवल इंसानी जिंदगियां खत्म हुई हैं बल्कि बड़ी संख्या में पशुधन की भी हानि हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने और 24 घंटे के भीतर पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने का कड़ा निर्देश दिया है.

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जिलों में तबाही का मंजर

आंधी-तूफान के भयंकर प्रकोप ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

प्रयागराज: यहां सबसे अधिक 16 लोगों की मौत की खबर है.

भदोही: जिले में 11 लोगों ने अपनी जान गंवाई है.

फतेहपुर: 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 17 अन्य घायल बताए जा रहे हैं.

हरदोई: यहाँ दो बच्चियों की मौत हो गई.

कानपुर: आंधी की चपेट में आने से एक युवती और करीब 35 बकरियों की मौत हो गई.

कौशांबी: यहाँ एक व्यक्ति की मौत के साथ ही बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान हुआ है.

सीएम योगी के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मृतकों के परिजनों और पीड़ितों को 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से राहत राशि प्रदान की जाए. जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ अधिकारी एसी कमरों से निकलकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और खुद पीड़ितों से मुलाकात करें. राहत कार्यों और रेस्क्यू ऑपरेशन की अपडेट हर 3 घंटे में सोशल मीडिया पर साझा की जाए. लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

अखिलेश यादव ने की 'युद्ध स्तर' पर राहत की मांग

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'एक्स' (X) पर लिखा कि सरकार को तुरंत युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू करना चाहिए. उन्होंने मांग की कि घायलों के मुफ्त इलाज, खाने-पीने की व्यवस्था और रहने के लिए अस्थाई आश्रय सुनिश्चित किए जाएं. साथ ही उन्होंने फसल, वाहन और जान-माल के नुकसान का तुरंत आकलन कर बीमा राशि और मुआवजे की घोषणा करने की अपील की है.फिलहाल, प्रशासन की टीमें ग्राउंड पर मौजूद हैं और नुकसान का सटीक आकलन करने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.