राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! टिन्नू यादव के बाद अब UP पुलिस के इस इंस्पेक्टर पर SIT की नजर

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं. 80 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं और अब यूपी पुलिस के आरएमओ अर्जुन देव की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है.

यूपी तक

• 12:17 PM • 27 Jun 2026

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Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच के बाद आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इस मामले में अब तक 80 लाख रुपये बरामद किए गए हैं. चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव को इस पूरे खेल का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, लेकिन अब इस शर्मनाक कांड में यूपी पुलिस के एक इंस्पेक्टर रैंक के कर्मचारी का नाम भी सामने आया है. एसआईटी की रिपोर्ट में यूपी पुलिस के वायरलेस डिपार्टमेंट के आरएमओ अर्जुन देव की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जो पिछले 17 सालों से अयोध्या में तैनात थे.

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यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर पर उठे सवाल

एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सीसीटीवी कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में यूपी पुलिस के वायरलेस डिपार्टमेंट के आरएमओ अर्जुन देव की भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है. अर्जुन देव को मंदिर के वायरलेस सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी. सबसे बड़ी बात यह है कि जिस कमरे में नोट गिने जाते थे और जहां से चोरी हो रही थी, उस कमरे की मॉनिटरिंग का पूरा कंट्रोल अर्जुन देव के पास ही था.

मंदिर मैनेजमेंट में था अर्जुन का दखल

एसआईटी जांच में यह बात सामने आई है कि अर्जुन देव अपनी मूल जिम्मेदारियों से ज्यादा ट्रस्ट के कामकाज में एक्टिव रहते थे. मंदिर मैनेजमेंट से लेकर वीवीआईपी दर्शन कराने तक में उनका बड़ा दखल था. उनकी पावर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे 2009 से अयोध्या में ही तैनात हैं. हाल ही में लखनऊ से उनका ट्रांसफर आर्डर जारी हुआ था, लेकिन चंपत राय और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के करीब होने की वजह से उन्होंने अपना ट्रांसफर रुकवा लिया था. एसआईटी ने टिन्नू यादव के साथ-साथ अर्जुन देव की भूमिका और उनके अत्यधिक दखल पर सवाल उठाए हैं.

29 जून तक न्यायिक हिरासत में आरोपी

चढ़ावा चोरी के इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को कोर्ट ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मुहर्रम की छुट्टी के कारण मामले की सुनवाई विशेष रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में हुई थी. गिरफ्तार आरोपियों में चंपत राय का ड्राइवर टिन्नू यादव और बैंक से रिटायर्ड कर्मी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं. हालांकि, सुभाष चंद्र के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है.

पूछताछ में कई और नाम आए सामने

मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और सुभाष चंद्र से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इन लोगों ने बैंक के कुछ ऐसे अधिकारियों के नाम भी बताए हैं, जो इस चोरी के खेल में उनके साथ मिले हुए थे. इसका मतलब है कि इस मामले में अभी और भी बड़े खुलासे होने बाकी हैं. इसके अलावा, 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 तक की सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच में कुल 70 मौकों पर कथित चोरी और गबन की गतिविधियां कैद मिली हैं.