Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर तीखा तंज कसा है और नीट पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया है. वहीं, पुलिस ने इस मामले में एफआईआर में नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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चंपत राय के इस्तीफे पर बवाल
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की एफआईआर में ट्रस्ट के तीन मुख्य चेहरों चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं था. इसे लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था कि बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है. इसी बढ़ते दबाव और हमलों के बीच शुक्रवार को चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस इस्तीफे के बाद से यूपी का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है.
अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
चंपत राय के इस्तीफे के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बड़ा बयान दिया है. अखिलेश यादव ने लिखा है कि भाजपा का लंका कांड अयोध्या से ही शुरू होगा और दान भक्तों का मुखौटा अब उतर गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि यह सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफे नहीं होते हैं, अब शायद भाजपाई कह रहे हैं कि हमने इस्तीफा नहीं बल्कि त्यागपत्र दिया है.
अखिलेश ने उठाया नीट का मुद्दा
अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के साथ-साथ नीट (NEET) पेपर लीक का जिक्र भी किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि जब इस्तीफे का दौर शुरू हो ही गया है, तो लीकाधिपति (पेपर लीक के जिम्मेदार) का भी इस्तीफा करवा दीजिए. उन्होंने यह भी कहा है कि इससे पहले कि ये लोग चोरी के माल से भरा अपना झोला लेकर इधर-उधर भागें, बॉर्डर बंद कर दिए जाने चाहिए. भगवान के ऑडिट से कोई बच नहीं पाएगा.
आठ आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था. इन आरोपियों में लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला और सुभाष चंद्र शामिल हैं. पुलिस ने इन सभी आठ लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था. कोर्ट में पेशी के बाद सभी को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है. अब सोमवार को इन सभी आरोपियों को एक बार फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा.
विपक्ष मांग रहा है कड़ी कार्रवाई
एफआईआर में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा का नाम न होने पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है और केवल इस्तीफे दे देने से कुछ नहीं होने वाला है. इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
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