गाजियाबाद में कूड़ा प्लांट का विरोध कर रहे ग्रामीण खूब पीटे गए, बुजुर्ग-बच्चों-महिलाओं को भी नहीं बख्शा?

Ghaziabad Kuda Plant Controversy: गाजियाबाद के लोनी में कूड़ा प्लांट को लेकर रणभूमि बना गांव! पुलिस और किसानों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे. जानिए क्यों ग्रामीण कर रहे हैं इस प्लांट का विरोध.

यूपी तक

• 11:11 AM • 16 Feb 2026

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गाजियाबाद के लोनी इलाके में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (कूड़ा प्लांट) को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण बवाल हो गया. ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के मीरपुर हिंदू गांव में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रशासन की टीम प्लांट का काम शुरू कराने पहुंची. आपको बता दें कि गाजियाबाद के लोनी में मीरपुर हिंदू गांव के पास एक कूड़ा निस्तारण प्लांट प्रस्तावित है, जो करीब 3 साल पहले तैयार किया गया था. 

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ग्रामीणों और किसानों का विरोध है कि इस प्लांट से गांव की हवा, पानी और लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ेगा. मीरपुर हिंदू के अलावा पचायरा, बदरपुर, नवादा, मंडोला और खानपुर जैसे आसपास के कई गांवों के लोग भी इसके विरोध में हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया.

एक ग्रामीण ने बताया कि लाठीचार्ज में करीब 10-12 लोग घायल हुए हैं. किसी का हाथ टूटा है, तो किसी का पैर. एक बुजुर्ग महिला के सिर में चोट लगने की भी बात कही गई है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा.

पुलिस क्या कह रही है? 

लोनी के एसीपी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, किसान ज्ञापन देने के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन उन्होंने प्लांट के गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की. पुलिस का दावा है कि समझाने के बावजूद जब हालात नहीं सुधरे, तो "हल्का बल प्रयोग" किया गया. पुलिस के मुताबिक, इस झड़प में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. सोशल मीडिया पर एक महिला की मौत की अफवाह उड़ी थी, जिसे पुलिस ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है.  इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और फिलहाल शांति व्यवस्था कायम बताई जा रही है. हालांकि, ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और वे प्लांट को किसी भी कीमत पर शुरू न होने देने की मांग पर अड़े हैं.