उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता राजा भैया (रघुराज प्रताप सिंह) ने एक प्रभावशाली और चुटीला भाषण दिया, जिसने सदन का माहौल खुशनुमा कर दिया. उनके भाषण के दौरान कई बार विधायक हंसते और तालियां बजाते नजर आए. राजा भैया ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को जन्मदिन की बधाई देते हुए स्पीकर के माध्यम से एक मजेदार मांग रखी. उन्होंने कहा कि जैसे पिछले सदस्य ने जन्मदिन पर सबको मिठाई बांटी थी, वैसे ही स्पीकर मंत्री जी को निर्देश दें कि अगला जन्मदिन आने से पहले जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सभी सड़कें ठीक हो जानी चाहिए.
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उन्होंने यह भी कहा कि आधे से अधिक टंकियां अभी चल नहीं रही हैं, जिन्हें चलाने के लिए गंभीर प्रयास की जरूरत है. राजा भैया ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि उन्होंने विधायक निधि से गरीबों के इलाज का अधिकार दिया है, लेकिन उन्होंने एक तकनीकी सुधार की मांग की. उन्होंने कहा कि विधायक निधि से केवल 'असाध्य' रोगों के लिए ही पैसा स्वीकृत होता है. अगर किसी का गंभीर एक्सीडेंट हो जाए या ब्रेन ट्यूमर हो (जो तकनीकी रूप से असाध्य की श्रेणी में न आए), तो उसे मदद नहीं मिल पाती. उन्होंने अनुरोध किया कि नियमावली से 'असाध्य' शब्द हटा दिया जाए ताकि सभी जरूरतमंदों को इलाज मिल सके.
उन्होंने आयुष्मान कार्ड की पात्रता शर्तों पर सवाल उठाया, जिसमें परिवार के 6 यूनिट (पति-पत्नी और 4 बच्चे) होने की शर्त है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'आज के समय में हम अच्छी तरह समझते हैं कि किन लोगों के 4 से अधिक बच्चे हैं.' राजा भैया ने प्रदेश में संगठित अपराध के खात्मे के लिए सरकार की तारीफ की.
राजा भैया ने मुद्दा उठाया कि एक्सप्रेसवे और हाईवे निर्माण के दौरान भारी ट्रकों की वजह से गांव की छोटी सड़कें टूट गई हैं. उन्होंने कहा कि NHAI (National Highway Authority of India) अपने इन सड़कों को ठीक करने के दायित्व का निर्वहन नहीं कर रही है. राजा भैया ने अपने भाषण का अंत एक शेर के साथ किया, कौन सी बात कहां कैसे कही जाती है, ये सलीका हो तो हर बात सुनी जाती है.
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