फिल्म 'धुरंधर 2' (Dhurandhar 2) की रिलीज के बाद अतीक अहमद के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI कनेक्शन को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. फिल्म में 'अतीश अहमद' नाम का एक किरदार दिखाया गया है, जिसका सीधा संबंध ISI से दर्शाया गया है.
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
अतीक अहमद पर किताब 'कसारी मसारी' लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार मनोज राजन त्रिपाठी का कहना है कि अतीक के खिलाफ लगभग 200 मुकदमे थे, लेकिन किसी भी आधिकारिक दस्तावेज या FIR में उसके ISI एजेंट होने का जिक्र नहीं है. मनोज राजन त्रिपाठी के अनुसार, यदि कोई सांसद या विधायक (अतीक अहमद दोनों रहे थे) किसी बाहरी देश या एजेंसी से संपर्क में होता, तो वह IB (Intelligence Bureau) की निगरानी और स्कैनिंग से बच नहीं सकता था.
फिल्म में उसे पंजाब में ड्रग्स सप्लाई करते दिखाया गया है, लेकिन पुलिस रिपोर्टों में कभी ऐसी बात सामने नहीं आई. हालांकि, यह संभव है कि उसे मिलने वाले हथियार पाकिस्तान से तस्करी कर लाए गए हों.
प्रत्यक्षदर्शी और मीडिया रिपोर्ट (समर्थ श्रीवास्तव)
पत्रकार समर्थ श्रीवास्तव, जो अतीक की हत्या के समय वहां मौजूद थे, बताते हैं कि उसकी मौत से दो दिन पहले हुई पूछताछ के दौरान पुलिस सूत्रों ने दावा किया था कि अतीक ने पाकिस्तान और ISI से कनेक्शन की बात कबूली थी. पूछताछ में पंजाब बॉर्डर के जरिए हथियारों के लेन-देन की बात भी सामने आई थी, लेकिन इन दावों की कभी कोई पुख्ता न्यायिक पुष्टि नहीं हुई.
राजनीतिक प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमित जामी ने फिल्म 'धुरंधर 2' को एक "प्रोपेगेंडा फिल्म" करार दिया है. उनका आरोप है कि ऐसी फिल्में नफरत का माहौल बनाने के लिए बनाई जाती हैं. फिल्म के निर्माताओं ने स्पष्ट डिस्क्लेमर दिया है कि फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक है और इसका किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है.
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