'सीसीटीवी का मतलब अब चंदा चोरी हो गया...', राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अखिलेश यादव का बड़ा दावा, बीजेपी और ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप

Akhilesh Yadav: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक हो चुका है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर बीजेपी और राम मंदिर ट्रस्ट पर जमकर निशाना साधा है.

यूपी तक

• 01:48 PM • 29 Jun 2026

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Akhilesh Yadav: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक हो चुका है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर बीजेपी और राम मंदिर ट्रस्ट पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने इस घटना को करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं से जुड़ा हुआ गंभीर मामला बताया है. इसके साथ ही उन्होंने मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई बड़े सवाल उठाए हैं.

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सीसीटीवी का मतलब है चंदा चोरी

अखिलेश यादव ने कहा है कि इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है. पूरे देश के लोग सनातन धर्म के लिए अयोध्या को बहुत पावन स्थान मानते थे. उन्होंने कहा है कि इतने पवित्र स्थान पर ही दान की चोरी कर ली गई है. यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है और यह भी दर्ज है कि सीसीटीवी कितनी बार बंद हुआ है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि सीसीटीवी का मतलब अब चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी हो गया है. उन्होंने बताया है कि अब गरीब महिलाएं भी कह रही हैं कि जब भगवान के चढ़ावे में चोरी हो रही है, तो हम दान क्यों देंगे.

बीजेपी के लिए डोनेशन फर्स्ट है

सपा प्रमुख ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि उनके लिए 'नेशन फर्स्ट' नहीं, बल्कि 'डोनेशन फर्स्ट' है. उन्होंने कहा है कि सीसीटीवी वाली इस घटना के बाद अब कोई उन्हें चंदा या दान नहीं देगा. अखिलेश ने कहा है कि बीजेपी हर मुद्दे पर राजनीति करती है, लेकिन अब जब जवाब देने की बारी आई है तो वह पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है. उनका कहना है कि अगर यही घटना किसी और सरकार के समय में हुई होती, तो बीजेपी सड़क से लेकर संसद तक भारी बवाल और आंदोलन करती.

मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

अखिलेश यादव ने इस मामले की बिल्कुल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जो भी लोग इस मामले में दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. आस्था के नाम पर कोई लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा है कि असली संतों की बात कोई नहीं सुन रहा है और उनके शब्दकोश में ना धर्म है ना शर्म है. भगवान राम पूरे देश की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए मंदिर से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए. फिलहाल जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई कर रही हैं और कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.