ट्रेन का टिकट नहीं मिला और इंतजार करते-करते चार्ट भी बन गया? ज्यादातर यात्री यहीं मान लेते हैं कि अब ट्रेन में सीट मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन रेलवे की व्यवस्था में चार्ट बनने के बाद भी खाली बची सीट पर टिकट लेने का रास्ता है... इसे करंट बुकिंग कहा जाता है.
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सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए काम की है, जिन्हें आखिरी समय में सफर करना पड़ रहा है. यूपी से दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और दूसरे शहरों के बीच चलने वाली ट्रेनों में त्योहार या छुट्टियों के दौरान टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में चार्ट बनने के बाद भी एक बार सीट की उपलब्धता जरूर देखनी चाहिए.
चार्ट बनने के बाद सीट कैसे मिल सकती है?
रेलवे के मुताबिक, आरक्षण चार्ट तैयार होने के बाद अगर किसी ट्रेन में सीट या बर्थ खाली रह जाती है तो उस खाली जगह के लिए करंट बुकिंग की जा सकती है. इसमें टिकट कन्फर्म ही जारी किया जाता है.
खाली सीट कई वजहों से बच सकती है. किसी यात्री ने टिकट रद्द करा दिया हो, किसी स्टेशन से यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ा हो या किसी वजह से बर्थ खाली रह गई हो. ऐसी खाली जगह को रेलवे दोबारा बुकिंग के लिए उपलब्ध करा देता है.
यूपी के यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है जानकारी?
मान लीजिए आपको लखनऊ से दिल्ली जाना है और ट्रेन में सामान्य बुकिंग के दौरान टिकट नहीं मिला. आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में रह गया और बाद में चार्ट भी तैयार हो गया. अब सीधे ट्रेन पकड़ने से पहले उस ट्रेन में खाली बर्थ की उपलब्धता देखी जा सकती है.
यही बात कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ या यूपी के किसी दूसरे बड़े स्टेशन से यात्रा करने वालों पर भी लागू होती है. खासकर त्योहारों में जब अचानक घर जाने का प्लान बनता है, तब जानकारी काम आ सकती है.
टिकट कैसे बुक करें?
आरक्षण चार्ट तैयार होने के बाद रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था में उस ट्रेन की उपलब्ध सीट देखी जा सकती है. अगर कोई बर्थ करंट बुकिंग के लिए उपलब्ध है तो उसे बुक किया जा सकता है. रेलवे की ओर से चार्ट तैयार होने के बाद खाली बर्थ देखने की सुविधा भी दी गई है. इससे यात्री पता कर सकता है कि ट्रेन में कौन-सी सीट खाली बची है.
क्या चार्ट बनने के बाद हर ट्रेन में टिकट मिलेगा?
नहीं. सुविधा तभी काम आएगी जब ट्रेन में कोई बर्थ खाली उपलब्ध हो. अगर ट्रेन पूरी तरह भरी है और कोई सीट खाली नहीं बची है, तो करंट बुकिंग से टिकट नहीं मिलेगा. इसलिए इसे पक्का टिकट पाने का कोई अलग कोटा नहीं समझना चाहिए. यह सिर्फ पहले से खाली बची बर्थ को बुक करने की सुविधा है.
वेटिंग लिस्ट वाले टिकट को लेकर भी जान लें
अगर आपका ऑनलाइन टिकट चार्ट बनने के बाद भी पूरी तरह वेटिंग लिस्ट में है तो उसके आधार पर ट्रेन में सफर नहीं किया जा सकता. रेलवे के नियमों के मुताबिक पूरी तरह वेटिंग लिस्ट वाला ऑनलाइन टिकट आरक्षण चार्ट तैयार होने के बाद रद्द कर दिया जाता है. अगर टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है तो ट्रेन में चढ़ने से पहले करंट बुकिंग में उपलब्धता जरूर जांच लें.
करंट बुकिंग के लिए एक्स्ट्रा पैसा देना होगा?
अगर पहले से बुक किया गया टिकट कन्फर्म नहीं हुआ और बाद में करंट बुकिंग में सीट मिल गई तो करंट बुकिंग के लिए नया टिकट बुक करना होगा और उसका किराया देना होगा. वेटिंग लिस्ट वाले ऑनलाइन टिकट के रिफंड के नियम अलग हैं.
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