Krishna Mohan: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में आज चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. चंपत राय की जगह लेने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने एक नए सदस्य को ट्रस्ट में सर्वसम्मति से चुना है. हरदोई जिले के रहने वाले और रिटायर्ड वन सेवा अधिकारी कृष्ण मोहन राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव होंगे. उनके शामिल होने से ट्रस्ट में दलित समाज का प्रतिनिधित्व एक बार फिर से सुनिश्चित हो गया है.
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लखनऊ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई और IFS पद पर सेवाएं
कृष्ण मोहन ने साल 1970 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की थी. उन्होंने यहां से जियोलॉजी विषय में एमएससी की डिग्री हासिल की थी.पढ़ाई पूरी करने के बाद कृष्ण मोहन इंडियन फॉरेस्ट सर्विस में शामिल हो गए. उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में एक अधिकारी के रूप में काम किया है. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) और कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है.
रिटायरमेंट के बाद आरएसएस में सक्रिय
महाराष्ट्र में अपनी लंबी सेवा देने के बाद साल 2012 में कृष्ण मोहन रिटायर हो गए. रिटायर होने के बाद वो वापस अपने गृह जिले हरदोई लौट आए. हरदोई आने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़कर काम किया. वह संघ में नगर संघ चालक, जिला संघ चालक और अवध प्रांत के प्रांत संघ चालक जैसे पदों पर रह चुके हैं.
हरदोई जिले के हैं मूल निवासी
राम मंदिर के नए ट्रस्टी कृष्ण मोहन मुख्य रूप से हरदोई जिले के रहने वाले हैं. उनका पैतृक गांव शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र का चंद्रपुर गांव है. फिलहाल वह हरदोई शहर के सिनेमा रोड पर स्थित अपने घर में रहते हैं और लगातार सामाजिक कार्यों में लगे हुए हैं.
ट्रस्ट में बरकरार रहा दलित प्रतिनिधित्व
राम मंदिर ट्रस्ट में इससे पहले कामेश्वर चौपाल दलित समाज का प्रतिनिधित्व करते थे. उनके बाद कृष्ण मोहन को चुनकर ट्रस्ट ने यह साफ कर दिया है कि दलित समाज का प्रतिनिधित्व आगे भी चलता रहेगा. ट्रस्ट ने आज अपनी औपचारिक घोषणा में कहा है कि कृष्ण मोहन को शामिल करना समाज के व्यापक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक बहुत अहम कदम है.
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