Uttar Pradesh Day special: 2017 के बाद योगी सरकार ने यूपी में क्या-क्या बदला, हर बड़ी बात जानिए

UP Day 2026 Special: 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस पर राज्य अपनी नई वैश्विक पहचान का उत्सव मना रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश का इन्वेस्टमेंट हब बन गया है. एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और डेटा सेंटर्स के जरिए प्रदेश ने 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल कर आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर कदम बढ़ाए हैं.

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यूपी तक

22 Jan 2026 (अपडेटेड: 22 Jan 2026, 08:39 PM)

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UP Day 2026 Special: उत्तर प्रदेश के इतिहास में 24 जनवरी का दिन बेहद खास है, लेकिन इस बार का 'यूपी दिवस' (UP Day) राज्य के लिए केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि बीते पौने नौ वर्षों में हुए उस अभूतपूर्व बदलाव का उत्सव है, जिसने देश-दुनिया में सूबे की पहचान बदल दी है. 2017 से पहले जिस उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए 'अविश्वसनीय' और 'बीमारू' माना जाता था, आज वही यूपी योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश का सबसे भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है.

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1. घोषणाओं से धरातल तक: ग्राउंड ब्रेकिंग का नया मॉडल

योगी सरकार की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि उसने निवेश को केवल कागजी एमओयू (MoU) तक सीमित नहीं रखा. 2018 की पहली 'इन्वेस्टर्स समिट' से लेकर 2023 की 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' तक, सरकार ने क्रियान्वयन पर जोर दिया. अब तक चार भव्य ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 16000 से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है.  इनमें से 8300 से अधिक प्रोजेक्ट्स कमर्शियल तौर पर शुरू हो चुके हैं, जिससे लाखों युवाओं को उनके घर में ही रोजगार मिल रहा है.

2. इन्फ्रास्ट्रक्चर और 'गति शक्ति' का संगम

प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ यूपी ने अपनी विकास योजनाओं को एकीकृत किया है. आज यूपी को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' कहा जाता है. एक्सप्रेसवे के किनारे बने औद्योगिक क्लस्टर्स ने लॉजिस्टिक्स की लागत कम की है. ग्रेटर नोएडा निवेश क्षेत्र, ट्रांस-गंगा सिटी और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है. 

3. आत्मनिर्भर भारत का केंद्र: डिफेंस और टेक हब

उत्तर प्रदेश अब केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा और तकनीक में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है. ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और अदानी डिफेंस जैसी मेगा यूनिट्स ने यूपी को राष्ट्रीय सुरक्षा उत्पादन का केंद्र बना दिया है. आज देश के 65% से ज्यादा मोबाइल फोन अकेले उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं. नोएडा और लखनऊ अब ग्लोबल टेक हब बन चुके हैं. राज्य की नई सेमीकंडक्टर नीति और डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में उठाए गए कदमों ने दुनिया भर के तकनीकी निवेशकों का ध्यान खींचा है. 

4. समावेशी विकास: बुंदेलखंड और पूर्वांचल की बदली तस्वीर

2017 से पहले औद्योगिक विकास केवल पश्चिमी यूपी के कुछ शहरों तक सीमित था. लेकिन योगी सरकार ने इसे संतुलित बनाया है. पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों और मेगा लेदर क्लस्टर्स की स्थापना की गई है. वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने जिला स्तर पर पारंपरिक उद्योगों (जैसे कन्नौज का परफ्यूम, भदोही के कालीन) को ग्लोबल पहचान दिलाई है.

5. पलायन पर लगाम और कानून-व्यवस्था का 'यूपी मॉडल'

किसी भी निवेश के लिए पहली शर्त 'सुरक्षा' होती है. योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी. 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'निवेश सारथी' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने पारदर्शिता बढ़ाई, जिससे निवेशकों का खोया हुआ भरोसा वापस लौटा. अब यूपी का युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने के बजाय, प्रदेश में लग रहे नए कारखानों का हिस्सा बन रहा है.

भविष्य का यूपी

उत्तर प्रदेश अब बीते कल की चुनौतियों को पीछे छोड़ भविष्य की संभावनाओं की ओर देख रहा है. 45 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों के साथ, यूपी भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने में 'ग्रोथ इंजन' की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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