BPSC में प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडेय ने हासिल की रैंक-1… इससे पहले बिना कोचिंग के यूपी PCS में मिली थी सफलता

सुनील यादव

21 Jun 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 12:06 PM)

BPSC Topper Shraddha Pandey: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होते ही उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में खुशी की लहर दौड़ गई.

BPSC Topper Shraddha Pandey

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BPSC Rank 1 Shraddha Pandey: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होते ही उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. जिले के रानीगंज क्षेत्र के पचरास गांव की रहने वाली श्रद्धा पांडेय ने 593 अंक हासिल कर पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है. उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग मिठाइयां बांटकर जश्न मना रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस सफलता के बाद उन्हें SDM पद मिल सकता है. खास बात यह है कि श्रद्धा पहले से ही उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर लखनऊ में तैनात हैं और अब उन्होंने BPSC में टॉप कर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है.

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दूसरे प्रयास में BPSC में टॉप

श्रद्धा पांडेय की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने UPPSC संयुक्त राज्य सेवा परीक्षा 2024 में EWS श्रेणी से 153वीं रैंक हासिल कर पहले ही प्रयास में यूपी PCS परीक्षा पास की थी. इसके बाद वह असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर नियुक्त हुईं. अब दूसरे प्रयास में BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और तैयारी का एक और उदाहरण पेश किया है. परिवार के अनुसार, श्रद्धा ने किसी भी संस्थान से कोचिंग नहीं ली और पूरी तैयारी स्वयं की मेहनत के दम पर की.

परिवार ने हर कदम पर दिया साथ

श्रद्धा पांडेय प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र के पचरास गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता संतोष पांडेय पेशे से वकील होने के साथ-साथ खेती भी करते हैं, जबकि उनकी मां सुनीता पांडेय गृहिणी हैं. श्रद्धा की शुरुआती शिक्षा रानीगंज के मनीष मेमोरियल स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने संगम इंटरनेशनल स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और स्वामी करपात्री जी महाराज राजकीय महाविद्यालय से स्नातक किया. परिवार का कहना है कि पढ़ाई के दौरान श्रद्धा हमेशा अनुशासित रहीं और लक्ष्य को लेकर पूरी तरह समर्पित थीं. उन्हें खाने में पनीर और जूस पसंद है. रिजल्ट आने के बाद उनके घर में लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

परिवार ने जताई खुशी

श्रद्धा की इस उपलब्धि पर परिवार के लोग बेहद खुश हैं. घर पर मिठाइयां बांटी जा रही हैं और रिश्तेदार व शुभचिंतक लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं. श्रद्धा के पिता संतोष पांडेय ने कहा, 'बेटी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. उसने कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और हमेशा खुद पर भरोसा रखा. उसकी सफलता से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है.' वहीं गांव के लोगों का भी कहना है कि श्रद्धा की सफलता से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है. प्रतापगढ़ की बेटी ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो बड़ी से बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है. उनकी यह उपलब्धि अब लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.