चूकने पर लगेगा 10,000 हजार रुपये का जुर्माना! UP RERA ने लिया बड़ा फैसला, अब रियल एस्टेट एजेंटों को हर 3 महीने पर देनी होगी ये खास रिपोर्ट

UP RERA Rules For Real Estate Agents: UP RERA ने रियल एस्टेट एजेंटों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. अब हर पंजीकृत एजेंट को प्रत्येक तिमाही में लेन-देन की रिपोर्ट जमा करनी होगी. तय समय पर रिपोर्ट नहीं देने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

UP RERA Rules For Real Estate Agents

UP RERA Rules For Real Estate Agents (Photo: AI)

आदित्य के. राणा

• 09:27 AM • 20 Jun 2026

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UP RERA Rules: उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट कारोबार को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश के सभी पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों को हर तीन महीने (तिमाही) में अपने लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों की रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा. यदि कोई एजेंट तय समय के भीतर यह रिपोर्ट नहीं देता है तो उसे संबंधित तिमाही के लिए 10,000 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा. इस फैसले का उद्देश्य घर खरीदारों और निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा करना है.

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एजेंटों के लिए लागू हुए नए अनुपालन नियम

अब तक रेरा कानून के तहत प्रमोटरों (बिल्डरों) के लिए तिमाही प्रगति रिपोर्ट देना अनिवार्य था, लेकिन रियल एस्टेट एजेंटों पर ऐसा कोई प्रावधान लागू नहीं था. अब यूपी रेरा ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए एजेंटों को भी इस व्यवस्था के दायरे में शामिल कर लिया है. इसके लिए 'उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (जनरल) रेगुलेशन, 2019' के 11वें संशोधन को अधिसूचित किया गया है. साथ ही 'रेगुलेशन 54' का नाम बदलकर 'द रियल एस्टेट एजेंट एनरोलमेंट, ट्रेनिंग, सर्टिफिकेशन एंड स्टैच्यूटरी कंप्लायंसेज' कर दिया गया है.

पहली रिपोर्ट में देना होगा पूरा ब्योरा

नए नियमों के अनुसार प्रत्येक पंजीकृत एजेंट को यूपी रेरा द्वारा निर्धारित प्रारूप में कैश बुक, जर्नल, लेजर और ग्राहक रजिस्टर का रिकॉर्ड रखना होगा. प्रोजेक्ट पूरा होने या पंजीकृत बिक्री अथवा लीज डीड होने की तारीख से कम से कम पांच वर्ष तक इन दस्तावेजों को सुरक्षित रखना अनिवार्य रहेगा. किसी भी जांच या कानूनी प्रक्रिया के दौरान एजेंटों को ये रिकॉर्ड नियामक प्राधिकरण या अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे. इसके अलावा प्रत्येक तिमाही समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर सभी लेन-देन और एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों की जानकारी यूपी रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी. पहली बार रिपोर्ट जमा करते समय एजेंटों को रजिस्ट्रेशन मिलने की तारीख से अब तक के सभी लेन-देन का पूरा विवरण भी देना होगा.

चेयरमैन बोले- भरोसा होगा मजबूत

यूपी रेरा के चेयरमैन श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा, 'ये नए प्रावधान रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिकता (Professionalism) को और मजबूत करने के लिए लागू किए गए हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'रियल एस्टेट एजेंट घर खरीदारों और बिल्डरों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं. इसलिए उनके द्वारा सही रिकॉर्ड रखना और समय पर लेन-देन की जानकारी देना बाजार में भरोसा कायम करने के लिए बेहद जरूरी है.' प्राधिकरण का मानना है कि इन नए नियमों से रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा और घर खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों का विश्वास भी पहले से अधिक मजबूत होगा.