इटावा की अनोखी दिवाली! यहां गणेश-लक्ष्मी नहीं बल्कि पुरखों को प्रसन्न करने के होते हैं जतन

अमित तिवारी

• 04:00 PM • 24 Oct 2022

आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ दिवाली मनाई जा रही है. लक्ष्मी-गणेश का पूजन हो रहा है, लेकिन इटावा में बंजारा समाज कुछ अलग…

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आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ दिवाली मनाई जा रही है. लक्ष्मी-गणेश का पूजन हो रहा है, लेकिन इटावा में बंजारा समाज कुछ अलग ही कर रहा है.

इटावा शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर अमृतपुर कृपालपुर गांव में बंजारा समाज दिवाली का पूजन अलग ढंग से कर रहा है.

यहां बुजुर्गों की आत्माओं को प्रसन्न करने के लिए खास पूजा की जाती है.

बुजुर्गों की आत्माओं को प्रसन्न करने के लिए महिलाएं टोलियों में बंट जाती हैं. समूह बनाकर अलग-अलग स्थानों पर बैठती हैं, बीच में थाली और दीपक जला कर रखे जाते हैं.

महिलाएं पुरखों को प्रसन्न करने के लिए नाचती-गाती हैं. अपनी थाली को लेकर गलियों में, घरों में और कमरों में घूमती है.

दिवाली के बाद दूसरे दिन रात में मशाल जलाकर पूरे गांव के लोग एक साथ घूमते भी हैं.

प्रधान शंकर सिंह ने बताया कि हमारे इस गांव में बंजारा समाज की आबादी लगभग 3500 है. पूरा गांव बंजारा समाज का है.

उन्होंने बताया कि यहां परंपरागत तरीके से दिवाली का पूजन किया जाता है. सबसे पहले पुरखों के स्थानों की साफ सफाई की जाती है.

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