सुलगते नेपाल को पार कर यूपी में दुल्हन लेने आ गए शाहनवाज, बोले- पैदल चलकर बॉर्डर पार किया

अमितेश त्रिपाठी

09 Sep 2025 (अपडेटेड: 09 Sep 2025, 04:08 PM)

नेपाल में सोशल मीडिया बंद होने से भारत-नेपाल बॉर्डर पर एक दूल्हे और उसकी बारात को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा? जानें कैसे पैदल चलकर और कम लोगों के साथ उन्हें शादी के लिए आना पड़.

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Maharajganj News: नेपाल में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वहां तनाव का माहौल है. नेपाल के नौजवानों (जेन-जी) का गुस्सा न केवल सड़क से संसद तक देखा जा सकता है, बल्कि ऑनलाइन भी इनकी नाराजगी साफ दिख रही है. नेपाल की सड़कों पर वहां के युवाओं का प्रदशन अब उग्र हो चुका है. इन सब घटनाओं ने उन लोगों की निजी जिंदगी को भी प्रभावित किया है, जिनकी योजनाएं पहले से बनी हुई थीं. ऐसी ही एक कहानी सामने आई है महराजगंज के भारत-नेपाल बॉर्डर पर, जहां एक दूल्हा और उसके बारातियों को पैदल चलना पड़ा क्योंकि गाड़ियों का इंतजाम नहीं हो सका.

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पैदल बॉर्डर पार कर आए दूल्हा-बाराती

नेपाल के रहने वाले दूल्हा शहनवाज अपनी शादी के लिए महराजगंज आ रहे थे. उनके साथ उनके भाई और कुछ और लोग थे. शहनवाज ने बताया कि शादी के लिए 40-50 लोगों की बारात आने वाली थी, लेकिन नेपाल में हो रहे प्रदर्शन के चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मजबूरन, वे सिर्फ 6-7 लोग ही किसी तरह बॉर्डर तक पहुंचे.

यहां देखें दूल्हे ने क्या बताया:

शहनवाज के भाई ने बताया कि उन्हें गाड़ियों और सवारी का इंतजाम करने में बहुत परेशानी हुई. गाड़ियों को आगे नहीं जाने दिया गया, जिस कारण उन्हें कुछ ही बारातियों के साथ पैदल आना पड़ा. उन्होंने कहा कि शादी की तारीख पहले से ही तय थी, इसलिए उन्हें किसी भी हाल में शादी करनी थी.

दूल्हे को दुल्हन लाने की चिंता

दुल्हन को वापस नेपाल ले जाने के बारे में पूछे जाने पर शहनवाज ने कहा कि दिक्कत तो होगी, लेकिन किसी तरह ले जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उनके बाकी बाराती भी पैदल या किसी और तरीके से आ रहे हैं.

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