बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के समय हुई थी राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या, मुख्य दोषी सरफराज को फांसी की सजा

राम बरन चौधरी

11 Dec 2025 (अपडेटेड: 11 Dec 2025, 06:18 PM)

बहराइच सांप्रदायिक हिंसा मामले में कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला. मुख्य दोषी सरफराज को मिली फांसी की सजा. 9 अन्य को दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है. दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान राम गोपाल मिश्रा की हत्या हुई थी.

Photo: Ram Gopal Mishra

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UP News: 13 अक्टूबर 2024 को बहराइच में थाना हरदी के महराजगंज बाजार में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई हिंसा मामले में जिला सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुना दिया है. अपर जिला जज प्रथम पवन कुमार शर्मा (द्वितीय) की कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले के मुख्य दोषी सरफराज को फांसी की सजा दी है. इस हत्याकांड में शामिल बाकी नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली है. 

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13 महीने 26 दिन के ट्रायल के बाद आया ये फैसला

यह वारदात उस समय हुई थी जब दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का जुलूस महराजगंज बाजार से गुजर रहा था. इसी दौरान हुए सांप्रदायिक विवाद और हिंसा में जुलूस में शामिल राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कुल 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले ने कोर्ट ने 13 महीने और 26 दिन तक चले गहन ट्रायल के बाद अपना फैसला सुनाया है. 

10 आरोपी दोषी करार, 3 हुए बरी

कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर कुल 10 आरोपियों को दोषी पाया है. इन 10 में से मुख्य दोषी सरफराज को राम गोपाल मिश्रा की हत्या का दोषी मानते हुए सबसे कठोर फांसी की सजा सुनाई गई है. इस आपराधिक साजिश और हिंसा में शामिल 9 अन्य अभियुक्तों को बाकी जीवन जेल में बिताने के लिए उम्रकैद की सजा दी गई है. हालांकि 13 आरोपियों में से तीन को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है.

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