UP News: सोशल मीडिया पर इन दिनों गगन यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के बीच हुई कथित मुलाकात की चर्चा जोरों पर है. गगन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि उनकी हाल ही में अखिलेश यादव से मुलाकात हुई जिसमें उन्हें काफी अपमान सहना पड़ा.
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इस मामले से जुड़ी हमारी वीडियो रिपोर्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है.
यादव राजनीति और जमीनी सक्रियता के नाम पर चर्चा में रहने वाले गगन यादव ने एक विस्तृत सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के साथ हुई अपनी 28 जनवरी 2026 की मुलाकात का ब्यौरा साझा किया है, जिसके बाद यूपी की राजनीति और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है. गगन यादव के पोस्ट के अनुसार, दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने कथित तौर पर गगन यादव को आरएसएस (RSS) और बीजेपी (BJP) का पुराना कार्यकर्ता और एजेंट बताते हुए सतर्क रहने को कहा.
गगन का दावा है कि जब वे अपनी सफाई देने लगे, तो अखिलेश ने उनकी एंट्री बंद करने का आदेश दिया और उनके चरण स्पर्श करने पर अपने कदम पीछे खींच लिए. गगन यादव ने लिखा कि उन्हें 'उत्तर प्रदेश का यादव' होने और जमीनी संघर्ष करने की सजा मिल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे कभी आरएसएस के संपर्क में रहे हों, तो वे राजनीति छोड़ देंगे.
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का पलटवार
सपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने गगन यादव के दावों को खारिज करते हुए उन्हें घेरना शुरू कर दिया है. सपाइयों ने गगन यादव की कुछ पुरानी तस्वीरें वायरल की हैं, जिनमें वे बीजेपी के झंडों के साथ एक कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं. लोगों ने इटावा के दांदरपुर गांव के मामले का जिक्र किया, जहां गगन यादव को मास्टरमाइंड बताया गया था और उनके कारण कई यादव युवाओं पर एफआईआर दर्ज हुई थी.
गगन यादव ने पहले भी स्पष्ट किया है कि उनका अपना संगठन 'इंडियन रिफॉर्मर्स ऑर्गेनाइजेशन' (IRO) है और वे किसी राजनीतिक दल के सदस्य नहीं हैं. वे समाजवादी विचारधारा से प्रभावित जरूर हैं, लेकिन उन पर बीजेपी एजेंट होने का आरोप निराधार है.
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