उत्तर प्रदेश को 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' वाला प्रदेश बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों और उद्यमियों के लिए बड़ी सौगातें पेश कीं. लखनऊ में आयोजित 'राज्य ऋण संगोष्ठी 2026-27' के दौरान सीएम योगी ने ई-केसीसी (e-KCC) पोर्टल का लोकार्पण किया. इस डिजिटल पहल के बाद अब किसानों को केसीसी ऋण के लिए महीनों इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि मात्र 5 मिनट में लोन की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी.
ADVERTISEMENT
ई-केसीसी से 5 मिनट में लोन और ऋण लक्ष्य में बढ़ोतरी
सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहले किसानों को केसीसी के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में 25 दिन से एक महीने तक का समय लग जाता था. अब डिजिटल गवर्नेंस और ई-केसीसी पोर्टल के माध्यम से यह काम महज 5 मिनट में होगा. सरकार ने कृषि ऋण के लक्ष्य को भी पिछले वर्ष की तुलना में . प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. सीएम ने बैंकों से अपील की कि वे किसानों को 5 से 6 प्रतिशत की आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का प्रयास करें.
यूपी की खेती में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दम
उत्तर प्रदेश सरकार अब पारंपरिक खेती को तकनीक से जोड़कर आधुनिक बनाने की दिशा में बढ़ रही है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग की संभावनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है. केंद्रीय बजट में घोषित एआई कृषि प्लेटफॉर्म की तर्ज पर यूपी में भी नए प्रयास शुरू किए जा रहे हैं. इसके साथ ही, यूपी देश का पहला ऐसा राज्य है जो विश्व बैंक के सहयोग से एग्रीटेक पर काम कर रहा है.
सहकारिता से समृद्धि: डिफॉल्टर बैंक अब मुनाफे में
सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब प्रदेश के को-ऑपरेटिव सेक्टर में माफिया हावी थे और आरबीआई ने 16 जिला सहकारी बैंकों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया था. सरकार की पारदर्शी नीतियों का परिणाम है कि आज इनमें से 15 बैंक लाभ की स्थिति में आ चुके हैं. प्रदेश में क्रेडिट-डेबिट (CD) रेशियो भी 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है, जिसे मार्च तक 62 प्रतिशत और अगले वित्तीय वर्ष तक 65 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य है.
किसानों को मुफ्त बिजली और सोलर पैनल का तोहफा
सिंचाई की लागत कम करने के लिए यूपी सरकार ऐतिहासिक कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 16 लाख ट्यूबवेलों के लिए सरकार निःशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है. इसके अलावा, लगभग 1 लाख किसानों को सोलर पैनल दिए गए हैं. सरकार की योजना है कि ट्यूबवेल से सिंचाई करने वाले अधिक से अधिक किसानों को सोलर पैनल से जोड़ा जाए ताकि उनकी ऊर्जा लागत शून्य हो सके.
नारी शक्ति और दिव्यांगजनों की 'सक्सेस स्टोरी' को सम्मान
संगोष्ठी के दौरान सीएम योगी ने उन मॉडल्स की सराहना की जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं.
कुशीनगर का कसया मिल्क प्रोड्यूसर: 1005 सदस्यों वाला यह ग्रुप दिव्यांगजनों द्वारा संचालित है, जो पूर्वी यूपी में डेयरी सेक्टर को मजबूत कर रहा है.
मथुरा मांट मस्टर्ड उत्पादक कंपनी: 750 महिला सदस्यों वाली यह कंपनी सरसों तेल की प्रोसेसिंग कर भारी मुनाफा कमा रही है.
लखपति दीदी व शी-मार्ट: ग्रामीण उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए बजट में शी-मार्ट की स्थापना की व्यवस्था की गई है.
इस उच्च स्तरीय ऋण संगोष्ठी में कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे. इसमें सीएम योगी के अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही. क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पंकज कुमार, मुख्य महाप्रबन्धक, नाबार्ड (NABARD) पंकज कुमार शामिल हुए. इनके अलावा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, प्रगतिशील किसान, एफपीओ प्रतिनिधि और एमएसएमई उद्यमी भी उपस्थित रहे.
अर्थव्यवस्था में यूपी का बढ़ता कद
सीएम योगी ने बताया कि यूपी अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. वर्ष 2016 में जहां प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 11.70 लाख करोड़ थी, वह इस मार्च तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है. प्रति व्यक्ति आय भी 43 हजार से बढ़कर 1.20 लाख रुपये हो गई है. सीएम ने विश्वास जताया कि 2029-30 तक उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लक्ष्य को जरूर प्राप्त करेगा.
ADVERTISEMENT









