गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों के 9वीं मंजिल से कूदने के मामले में रोजाना नए नए ट्विस्ट सामने आ रहे हैं. इन बच्चियों के पिता चेतन कुमार और उनके परिवार की कहानी कई जटिल मोड़ों से भरी है. पिता चेतन कुमार की दो पत्नियां हैं, जो सगी बहनें हैं. पहली पत्नी से संतान न होने के कारण उनकी सहमति से चेतन ने उनकी छोटी बहन से दूसरी शादी की थी. बताया जा रहा है कि घर में दोनों पत्नियां और उनकी एक और बहन (साली) भी अक्सर साथ रहती थीं.
इस परिवार में कुल पांच बच्चे थे. तीन बेटियां और दो बेटे. इनमें से एक बच्चा 'ऑटिस्टिक' बताया जा रहा है. अब तो ये भी जानकारी सामने आ रही है कि जिन तीन बेटियों की मौत हुई, उनमें से एक पहली पत्नी की और दो दूसरी पत्नी की बेटियां थीं.
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इस परिवार की पूरी कहानी यहां नीचे हमारे खास वीडियो रिपोर्ट में देखिए.
जानकारी के मुताबिरक चेतन शेयर ट्रेडिंग (मार्केट) के बिजनेस से जुड़े थे. कोविड के दौरान उन्हें भारी नुकसान हुआ, जिससे उन पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था. परिवार की माली हालत इतनी खराब थी कि बिजली का बिल भरने के लिए पिता ने बच्चियों का एक मोबाइल फोन तक बेच दिया था. हालांकि, पिता का दावा है कि उन्होंने अनुशासन के लिए फोन छीना था. सोसाइटी के लोगों के अनुसार, यह परिवार पिछले डेढ़ साल से वहां रह रहा था लेकिन पूरी तरह आइसोलेटेड (एकांत में) रहता था. न तो घर की महिलाएं पड़ोसियों से बात करती थीं और न ही बच्चियां सोसाइटी के अन्य बच्चों के साथ खेलती थीं.
पिता का कहना है कि बच्चियां इस कदर 'कोरियन कल्चर' की दीवानी थीं कि वे खुद को इंडियन कहलवाना पसंद नहीं करती थीं. वे कोरियन लड़कों से शादी करना चाहती थीं और इसी वजह से उन्होंने खुद को बाहरी दुनिया से काट लिया था. घटना के बाद सोसाइटी के लोगों ने देखा कि एक मां बेटी के शव के पास खड़ी होकर चिल्ला रही थी, "मार डाला, मार डाला". हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वह किसे संबोधित कर रही थी. सेक्रेटरी और पड़ोसियों ने यह भी कहा कि भले ही परिवार एकांत में रहता था, लेकिन उनकी ओर से कभी कोई शोर-शराबा या लड़ाई-झगड़े की आवाज नहीं आई. वे समय पर किराया और मेंटेनेंस देते थे.
पुलिस अब इस मामले की जांच पारिवारिक कलह, आर्थिक दबाव और डिजिटल लत जैसे सभी एंगल्स से कर रही है. पिता के दावों और सोसाइटी के लोगों के बयानों के बीच की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है.
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