अरबों कमाने वाले सेलिब्रिटी टीचर्स के बीच जानिए फिजिक्स वाले HC वर्मा की कहानी, गांव में पढ़ाते हैं

यूपी तक

• 10:49 AM • 01 Aug 2024

Prof. HC Verma News: दिल्ली में UPSC की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत के बाद से देश में एक बहस यह भी छिड़ गई है कि शिक्षण कार्य अब व्यापार बन गया है. कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के जरिए छात्रों से लाखों रूपये ऐठें जा रहे हैं, बदले में उन्हें क्या मिल रह है इसका जवाब  किसी के पास नहीं है.

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Prof. HC Verma News: दिल्ली में UPSC की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत के बाद से देश में एक बहस यह भी छिड़ गई है कि शिक्षण कार्य अब व्यापार बन गया है. कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के जरिए छात्रों से लाखों रूपये ऐठें जा रहे हैं, बदले में उन्हें क्या मिल रह है इसका जवाब  किसी के पास नहीं है. टीचर्स अब सेलेब्रिटी हो गए हैं और उनका ध्यान शायद सिर्फ पैसे कमाने की ओर हो गया है. पर जरूरी नहीं कि सभी शिक्षक अपने पेशे को व्यपार के रूप में देख रहे हैं. उनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने छात्रहित में अपना जीवन खपा दिया. ऐसे ही एक शिक्षक की हम बात कर रहे हैं जिनका नाम प्रोफेसर हरीश चंद्र वर्मा (HC Verma) है. आज हम आपको 2020 में पद्मश्री से नवाजे गए फिजिक्स के सबसे प्रतिष्ठित लेखकों और शिक्षकों में से एक एचसी वर्मा की पूरी कहानी बताएंगे, जो IIT कानपुर से रिटायर्ड होने के बाद अब गांव में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं.

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कौन हैं एचसी वर्मा?

3 अप्रैल 1952 को बिहार में जन्मे प्रोफेसर एचसी वर्मा को JEE उम्मीदवारों के लिए 'आदर्श' और शैक्षणिक 'गुरु' के रूप में जाना जाता है. प्रो. एचसी वर्मा ने 1975 में पटना साइंस कॉलेज से फिजिक्स में बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री और 1977 में आईआईटी कानपुर से फिजिक्स में एमएससी की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद, उन्होंने संस्थान में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश लिया और 3 साल से भी कम समय में इसे पूरा कर लिया. अपने शिक्षकों द्वारा उच्च अध्ययन के लिए यूरोप/अमेरिका जाने के लिए प्रेरित किए जाने के बावजूद, उन्होंने अपने मूल स्थान पर वापस जाने का फैसला किया और 1980 में एक व्याख्याता के रूप में पटना साइंस कॉलेज में शामिल हो गए.

आठ साल का समय लगाकार लिखी 'कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिक्स'

भारतीय छात्रों के लिए फिजिक्स के विषय को रोचक और मनोरंजक बनाने उन्होंने एक सरल और समझने में आसान पुस्तक लिखने का फैसला किया. प्रोफेसर वर्मा ने अपने जीवन के आठ वर्ष कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिक्स नामक पुस्तक को पूरा करने में समर्पित कर दिए, जो एक बड़ी सफलता साबित हुई और अंततः उन्हें भारतीय छात्रों के बीच एक प्रतिष्ठित व्यक्ति बना दिया.

1994 में जॉइन किया IIT कानपुर

पटना साइंस कॉलेज में 15 वर्षों से अधिक समय तक सेवा देने के बाद, वह 1994 में एक सहायक प्रोफेसर के रूप में आईआईटी कानपुर में भौतिकी विभाग में शामिल हो गए. एक सच्चे प्रयोगवादी और शोधकर्ता होने के नाते, वह एक कोचिंग सेंटर शुरू करने के विचार से आश्वस्त नहीं हुए और शोध करने का फैसला किया.

HC Verma का एक वीडियो हो रहा वायरल

मशहूर कथाकार और लेखक नीलश मिश्रा से बातचीत का एचसी वर्मा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्होंने शिक्षा के बिजनेस में बदल जाने की बात की है. उन्होंने कहा, "विद्यालय में हमने जो अपने शिक्षकों को देखा तो वहीं से मुझे भी निश्चय करने में मदद मिली कि मुझे शिक्षक ही बनना है. पहले शिक्षण कार्य एक जॉब था पर अब वो बिजनिस हो गया है."