उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता और स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए.
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कांवड़ यात्रा में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का महापर्व है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा में किसी भी तरह की बाधा पैदा करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाए.
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में उपद्रव, अराजकता और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही भ्रामक और झूठी खबरें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिशों का तुरंत तथ्यात्मक जवाब देने के निर्देश भी दिए.
बरेली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस्लामिक समुदाय की ओर से उर्स के दौरान शाकाहारी भोजन वितरण और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए आयोजन को सीमित दायरे में रखना सामाजिक सद्भाव का अच्छा उदाहरण है.
खाद की कमी नहीं, किसानों को नहीं होनी चाहिए परेशानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद लेने में किसी तरह की परेशानी न हो.
उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए और खतौनी का सत्यापन करने के बाद ही खाद का वितरण किया जाए. नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए.
महिला सुरक्षा पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से जुड़े अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तैनात 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए. शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक की जाए, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बलिया, बाराबंकी और उन्नाव सहित बाढ़ प्रभावित आठ जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और प्रभावित गांवों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए.
उन्होंने सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में नदियों के तटबंधों की कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए. साथ ही बलिया में कटान से प्रभावित परिवारों को जल्द भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने को कहा.
राहत आयुक्त ने बैठक में बताया कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए.
स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल वही स्कूली वाहन चलाए जाएं, जो निर्धारित फिटनेस मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हों. उन्होंने ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूली वाहन चालकों का अनिवार्य सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए, ताकि विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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