क्या गुर्जर-दलित वाली सीट जीत पाएंगे जयंत चौधरी? मीरापुर सीट का समझिए समीकरण
UP Kiska: मीरापुर विधानसभा सीट 2027 में फिर सियासी मुकाबले का केंद्र बन सकती है. आरएलडी के गढ़ में मुस्लिम, गुर्जर, जाट और दलित वोट निर्णायक हैं. भाजपा गठबंधन के साथ आरएलडी अपनी सीट बचाएगी या सपा वापसी करेगी, नजरें इसी पर हैं.
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Jayant Chaudhary
Meerapur Assembly Election: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मीरापुर विधानसभा सीट को राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के मजबूत सियासी गढ़ों में गिना जाता है. गुर्जर, मुस्लिम, जाट और दलित बाहुल्य वाली इस सीट पर आरएलडी का समीकरण हमेशा से असरदार रहा है. 2022 में सपा-आरएलडी गठबंधन से चुनाव जीते चंदन चौहान के सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में आरएलडी (भाजपा गठबंधन) की मिथिलेश पाल ने यहां फिर से जीत हासिल की. हालांकि आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सपा से अलग होकर भाजपा के साथ आई आरएलडी अपनी इस परंपरागत सीट को बचा पाएगी या समाजवादी पार्टी यहां वापसी करेगी?

