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जहां नहीं जीतना चाहिए वहां भी सपा...MLC चुनाव में हार के बाद क्या केशव प्रसाद भी मान गए अखिलेश यादव का लोहा?

यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में देखिए एमएलसी चुनाव के नतीजों की 3 बड़ी खबरें. जानिए गोरखपुर में संजय त्रिपाठी की हार के बाद अखिलेश का ब्राह्मण कार्ड, केशव मौर्य का बड़ा बयान और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा की नई रणनीति.

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में राज्य की राजनीति से जुड़े कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई है. इस शो में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं जो उत्तर प्रदेश के मौजूदा सियासी समीकरणों और आने वाले विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर रही हैं. आज की पहली बड़ी खबर गोरखपुर एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण कार्ड और संजयन त्रिपाठी की हार के बावजूद अखिलेश यादव की रणनीति से जुड़ी है जिसके जरिए सपा ने पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है. दूसरी बड़ी खबर एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी खेमे में मची हलचल और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर है जिसमें उन्होंने माना कि सपा वहां जीत गई जहां उसे नहीं जीतना चाहिए था.वहीं तीसरी और अंतिम बड़ी खबर समाजवादी पार्टी के नेताओं, खासकर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की उन प्रतिक्रियाओं और चेतावनियों से संबंधित है जिसमें उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और जीत का नया नैरेटिव सेट करने की हिदायत दी है.

गोरखपुर में संजयन त्रिपाठी की हार और अखिलेश यादव का 'ब्राह्मण कार्ड'

गोरखपुर एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार संजय त्रिपाठी भले ही हार गए और तीसरे स्थान पर रहे. लेकिन इसके बावजूद वह योगी के गढ़ में सपा का नया ब्राह्मण चेहरा बनकर उभरे हैं. अखिलेश यादव ने संजयन त्रिपाठी की हार के बाद ट्वीट कर 'हाता नहीं भाता' का जिक्र किया जिससे यह साफ हो गया कि सपा गोरखपुर के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों (मठ बनाम हाता) के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

पार्टी के भीतर अपनी जाति के किसी उम्मीदवार को न उतारकर अखिलेश यादव ने ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेला. भले ही यह सीट सपा हार गई हो, लेकिन पूर्वांचल की ब्राह्मण राजनीति में पार्टी ने एक बड़ा वैचारिक संदेश जरूर दे दिया है जो आने वाले समय में असर दिखा सकता है.

बीजेपी खेमे में आत्मचिंतन और केशव प्रसाद मौर्य का बयान

हालिया एमएलसी चुनाव के परिणामों ने बीजेपी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. हालांकि पार्टी ने 6 सीटें जीती हैं (जिसमें 3 ब्राह्मण, 1 ठाकुर, 1 वैश्य और 1 सिख शामिल हैं), लेकिन पार्टी की उम्मीदें इससे कहीं ज्यादा थीं.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बयान में माना कि सपा वहां भी जीत गई जहां उसे नहीं जीतना चाहिए था (इशारा लखनऊ और आगरा की तरफ था जहां बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा). केशव मौर्य के इस बयान पर अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि पीडीए की जीत से वह अंदर ही अंदर खुश हैं. इसके अलावा, बनारस और अन्य सीटों पर बीजेपी की उम्मीदों के विपरीत परिणाम आने से पार्टी के भीतर आंतरिक समीक्षा और आत्मचिंतन का दौर शुरू हो गया है.

सपा की जीत पर जश्न के बीच 2027 के लिए बड़ी चेतावनी

MLC चुनावों में मिली कुछ अहम सीटों और बेहतर प्रदर्शन से समाजवादी पार्टी उत्साहित है. पार्टी इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े मनोवैज्ञानिक लाभ के रूप में देख रही है.

अखिलेश यादव की सख्त हिदायत: अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात जनता तक पहुंचाने की अपील की है. उन्होंने हूहल्ला या जुलूस निकालने से बचने को कहा है ताकि विरोधी दल (बीजेपी) कोई साजिश रचकर पार्टी की छवि न बिगाड़ सके.

शिवपाल यादव का संकल्प: शिवपाल यादव ने भी इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत और एकजुटता का परिणाम बताते हुए 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प दोहराया है, जिससे साफ है कि दोनों दल अभी से चुनावी मोड में आ चुके हैं.

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