'मेरी हत्या कराना चाहते थे...' संगीत सोम का अखिलेश यादव पर लगाए गंभीर आरोप, तो सपा ने किया पलटवार
उत्तर प्रदेश की सियासत में बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. संगीत सोम ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव के शासनकाल में उनकी हत्या कराने की साजिश रची गई थी.
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Sangeet Som On Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश की सियासत में बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. संगीत सोम ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव के शासनकाल में उनकी हत्या कराने की साजिश रची गई थी. उन्होंने दावा किया कि साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान आवाज उठाने के बाद उन्हें फर्जी मुकदमों में जेल भेजा गया और उनकी जान को खतरा था. वहीं, समाजवादी पार्टी ने संगीत सोम के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है.
'अखिलेश यादव मेरी हत्या कराना चाहते थे'
बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने एक पॉडकास्ट में साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उस समय आवाज उठाने के बाद उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें जेल भेज दिया गया. संगीत सोम ने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले मुजफ्फरनगर जेल में रखा गया, लेकिन कुछ ही घंटों में वहां से दूसरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया.
संगीत सोम के मुताबिक उन्हें पूरी रात जंगलों में घुमाया गया और फिर उन्नाव जेल ले जाया गया. उन्होंने दावा किया कि जिस जेल में हजारों कैदी रहते थे, वहां पूरी जेल खाली करा दी गई और उन्हें अकेले रखा गया. उनके अनुसार उस समय कुछ अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि उनकी जान को खतरा हो सकता है.
संगीत सोम ने कहा कि इसके बाद उन्होंने अपने लोगों तक संदेश पहुंचाया और अगले दिन खेड़ा में महापंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. उन्होंने दावा किया कि अगर जनता का समर्थन नहीं मिलता तो उनकी हत्या कराई जा सकती थी. संगीत सोम ने कहा कि वह आज भी अपने इस आरोप पर कायम हैं कि अखिलेश यादव उनकी हत्या कराना चाहते थे.
सपा ने संगीत सोम के आरोपों पर किया पलटवार
संगीत सोम के बयान के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उन पर निशाना साधा. सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि संगीत सोम को हार का डर सता रहा है और वह जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं. सपा की ओर से कहा गया कि संगीत सोम जनता के बीच नहीं गए और न ही लोगों के सुख-दुख में शामिल हुए. पार्टी के नेताओं ने उन पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता उनके चेहरे को पहचानती है और केवल इस तरह के बयानों से समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता. सपा नेता ने यह भी कहा कि संगीत सोम को चुनाव हारने और टिकट कटने की आशंका के कारण अखिलेश यादव का नाम लेकर चर्चा में बने रहने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी में टिकट को लेकर दबाव बनने पर कुछ नेता इस तरह की बयानबाजी करते हैं.
मुजफ्फरनगर दंगों में क्या हुआ था?
सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर और शामली में दंगे हुए थे. इस दौरान संगीत सोम और सुरेश राणा समेत कई बीजेपी नेताओं के नाम भी सामने आए थे. आरोप था कि नगला मंदौड़ गांव में महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण दिए गए और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के साथ निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया गया. दंगों के बाद तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार के दौरान संगीत सोम और सुरेश राणा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी.
मार्च 2021 में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने संगीत सोम, सुरेश राणा और साध्वी प्राची समेत अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों में मुकदमे वापस लेने की अनुमति दे दी थी. वहीं, अगस्त 2026 में नगला मंदौड़ महापंचायत से जुड़े एक अन्य मामले में अदालत ने संजीव बालियान और सुरेश राणा समेत 22 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की अर्जी स्वीकार कर ली थी.
2022 में अतुल प्रधान से हार गए थे संगीत सोम
संगीत सोम सरधना विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अतुल प्रधान ने उन्हें शिकस्त दी थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगीत सोम की राजनीतिक गतिविधियों और टिकट की दावेदारी को लेकर चर्चा हो रही है. सपा नेताओं ने उनके हालिया बयान को इसी राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं.
संगीत सोम इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं. वह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पहले भी निशाना साध चुके हैं. वहीं, इस बार उन्होंने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों और जेल में बिताए समय का जिक्र करते हुए हत्या की साजिश का आरोप लगाया है.
फिलहाल, संगीत सोम के आरोपों और सपा की प्रतिक्रिया के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. संगीत सोम ने अपने आरोपों को दोहराया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने उनके दावों पर सवाल उठाए हैं.
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