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चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ नगीना से चुनाव लड़ेंगी रोहिनी घावरी? कर दिया बड़ा खुलासा

लखनऊ में करणी सेना के कार्यक्रम में रोहिनी घावरी ने मायावती, चंद्रशेखर आजाद और सपा पर निशाना साधा. उन्होंने अखिलेश यादव के सामने तीन शर्तें रखीं और 2029 में नगीना से लोकसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया.

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Rohini Ghavri
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लखनऊ में करणी सेना के कार्यक्रम में पहुंची दलित समाज की नेत्री रोहिनी घावरी ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और समाजवादी पार्टी पर जमकर अपनी भड़ास निकाली. सवर्ण समाज और वंचित समाज की एकजुटता का संदेश देते हुए रोहिणी ने बड़ा दावा किया कि वे मायावती के तीनों भतीजे-भतीजियों से ज्यादा योग्य हैं. लेकिन मायावती वाल्मीकि समाज की बेटी को मौका नहीं दे रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव के सामने 2027 चुनाव में समर्थन के लिए 3 प्रमुख शर्तें रखीं और 2029 में नगीना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए.

बहन जी के भतीजे-भतीजियों से ज्यादा योग्य हूं- रोहिनी

करणी सेना के मंच से रोहिनी घावरी ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के परिवारवाद पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब के गुरु के समाज (वाल्मीकि समाज) को मायावती कभी मौका नहीं देतीं.

रोहिणी ने कहा कि 'मैं आज दावे के साथ कह सकती हूं कि बहन जी के तीनों भतीजा-भतीजियों से ज्यादा योग्य वाल्मीकि समाज की यह बेटी है. लेकिन बहन जी हमें मौका क्यों नहीं देतीं? सिर्फ अपने परिवार को ही आगे क्यों बढ़ा रही हैं?'

अखिलेश यादव के सामने रखीं 3 शर्तें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए (PDA) नारे पर बात करते हुए रोहिणी ने कहा कि अगर अखिलेश सभी समाजों को उचित हिस्सेदारी देते हैं तो उन्हें मौका दिया जाएगा. उन्होंने सपा के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं.

आरक्षण में वर्गीकरण: दलितों के भीतर आरक्षण के वर्गीकरण (Sub-categorization) की मांग को समर्थन दें.

10 विधानसभा टिकट: पिछली बार सपा ने एक भी वाल्मीकि प्रत्याशी नहीं उतारा था. इस बार कम से कम 10 सीटों पर वाल्मीकि समाज को टिकट दें.

सफाई कर्मचारियों को पक्का करना: प्रदेश के सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का चुनावी वादा करें.

रोहिणी ने साफ कहा कि अगर अखिलेश ये मांगें पूरी करते हैं तो वाल्मीकि और वंचित समाज उनके साथ खड़ा होगा.

'पहले बहन जी के पैरों में गिरें चंद्रशेखर'

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर हमला बोलते हुए रोहिणी ने कहा कि जो व्यक्ति महिलाओं और बेटियों का सम्मान न कर सके उसे नेतृत्व का अधिकार नहीं होना चाहिए. चंद्रशेखर द्वारा आकाश आनंद को अपने साथ आने का न्योता देने पर उन्होंने कहा 'चंद्रशेखर, आकाश आनंद को अपने साथ बुला रहे हैं, उससे पहले वो खुद बसपा में अपनी पार्टी का विलय क्यों नहीं कर लेते? आकाश आनंद को बुलाने से पहले उन्हें बहन जी के पैरों में जाकर गिरना चाहिए.'

2029 में नगीना से चुनाव लड़ने का संकेत

करणी सेना द्वारा नगीना से चुनाव लड़ाने के ऑफर पर रोहिणी ने कहा कि 2027 में वे चुनाव नहीं लड़ेंगी क्योंकि इसके लिए धरातल पर काम करना पड़ता है. हालांकि 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए करणी सेना उन्हें नगीना सीट से मैदान में उतारने की बात कह रही है. अगर समाज का आदेश हुआ तो वह 2029 में संसद जरूर जाएंगी.

अपनी मांगों को लेकर रोहिनी घावरी ने घोषणा की कि आगामी नवंबर महीने में लखनऊ में सवर्ण और वंचित समाज मिलकर एक विशाल आंदोलन करेंगे जिसमें लाखों लोग जुटेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार आरक्षण में वर्गीकरण लागू नहीं करती और वंचितों की अनदेखी करती है तो 10% कोर वोटर सवर्ण समाज और कोर वोटर वंचित समाज मिलकर सरकार को चुनाव में सबक सिखाएंगे.

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