लेटेस्ट न्यूज़

Opinion: यूपी में 'जीरो टॉलरेंस' का असर! महिला अपराधों में 76.6% दोषसिद्धि दर के साथ देश में अव्वल बना उत्तर प्रदेश

NCRB Report 2024 Uttar Pradesh: NCRB 2024 रिपोर्ट के आधार पर जानें कैसे यूपी में अपराध दर घटी और महिला अपराधों में सजा की दर 76.6% तक पहुंची. विकास और सुरक्षा का विश्लेषण.

ADVERTISEMENT

CM Yogi
CM Yogi
social share
google news

अपनी बात एक सवाल के साथ शुरू करूंगा. किसी राज्य की कानून व्यवस्था को आप अपनी दृष्टि में किस आधार पर मापेंगे? थानों की संख्या, पुलिस बल के आकार या बजट आवंटन से. वस्तुतः कानून व्यवस्था के आकलन का यह पैमाना हो ही नहीं सकता. इसके आकलन का आधार उस मनोविज्ञान से होना चाहिए जो समाज के सबसे साधारण व्यक्ति के भीतर होता है कि क्या वह रात को निर्भय होकर सो सकता है, क्या वह अपनी शिकायत लेकर थाने जाने का साहस रखता है, और क्या उसे यह विश्वास है कि अपराधी को दंड मिलेगा. भयग्रस्त समाज कभी सृजनशील नहीं हो सकता. जहां असुरक्षा होती है, वहां व्यक्ति अपनी ऊर्जा विकास और रचनात्मकता में नहीं, बल्कि स्वयं को बचाने में खर्च करने लगता है. इसके विपरीत, जब नागरिक सुरक्षित महसूस करता है, तभी वह जोखिम उठाता है, उद्यम करता है, शिक्षा और संस्कृति की ओर बढ़ता है और भविष्य के प्रति आशावान बनता है. सामाजिक सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं, बल्कि सभ्यता, अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र तीनों की आधारशिला है.