बस्ती में UGC के मुद्दे पर ब्राह्मणों को कैसे साधेंगे हरीश द्विवेदी? पत्रकारों ने क्या बताया
बस्ती में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. दलित-कुर्मी वोटर, युवाओं की नाराजगी, सवर्ण समीकरण, बेरोजगारी और एथनॉल फैक्टरी जैसे मुद्दे चुनावी गणित बदल सकते हैं. सपा-भाजपा समेत सभी दलों के लिए बस्ती में कड़ी चुनौती होगी.
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Mood kya hai Basti
Mood kya hai Basti: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही पूर्वी यूपी के अहम मंडल मुख्यालय बस्ती में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. 5 विधानसभा सीटों वाले इस जनपद में फिलहाल समाजवादी पार्टी के पास 3, भाजपा के पास 1 और सुभासपा के पास 1 सीट है. यूपी Tak के शो 'मूड क्या है' में स्थानीय वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया कि बस्ती की राजनीति में एससी (दलित) और कुर्मी मतदाता सबसे निर्णायक भूमिका निभाते हैं. हालांकि आगामी चुनाव में युवाओं (जेंजी), सवर्णों की नाराजगी, बेरोजगारी और एथनॉल फैक्टरी जैसे स्थानीय मुद्दे मौजूदा समीकरणों को नया मोड़ दे सकते हैं.

